नयी दिल्ली, 27 मई (भाषा) भारत की सबसे बड़ी गैसकंपनी गेल को यूक्रेन में युद्ध से उत्पन्न वैश्विक संकट के बावजूद रूस की गाजप्रोम के साथ दीर्घकालिक सौदे के तहत एलएनजी की नियमित आपूर्ति मिल रही है।
कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मनोज जैन ने शुक्रवार को यह बात कही।
गेल ने प्रति वर्ष 28.5 टन तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का आयात करने के लिए गाजप्रोम की सिंगापुर स्थित इकाई के साथ एक दीर्घकालिक सौदा किया है।
जैन ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘कुछ व्यवधान थे, लेकिन आपूर्ति नियमित है।’’
इस महीने की शुरुआत में मास्को ने यमल पाइपलाइन के पोलैंड वाले हिस्से के मालिक पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस पाइपलाइन से रूसी गैस को यूरोप ले जाया जाता है। इसके साथ ही रूसी गैस उत्पादक गाजप्रोम की पूर्व जर्मन इकाई पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया।
जैन ने कहा, ‘‘मीडिया रिपोर्ट से हमें पता चला है कि प्रतिबंधों को 90 दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है।’’
उन्होंने कहा कि गाजप्रोम मार्केटिंग एंड ट्रेडिंग सिंगापुर एक दीर्घाकालिक सौदे के तहत नियमित रूप से एलएनजी की आपूर्ति कर रही है।
जैन ने कहा, ‘‘हमें लगता है कि सौदे के तहत हमारी आपूर्ति में कोई बाधा नहीं हैं, क्योंकि हमारा एक अनुबंध है, जिसका अर्थ है कि गाजप्रोम दुनिया में कहीं से भी गैस की आपूर्ति कर सकती है।’’
गाजप्रोम रूस के साथ ही अपने वैश्विक पोर्टफोलियो से एलएनजी की आपूर्ति कर रही है।
गेल को उम्मीद है कि सौदे की शर्तों के अनुसार गाजप्रोम 2022 में लगभग 40 एलएनजी शिपमेंट की आपूर्ति करेगी और 2023 में 46 कार्गों की आपूर्ति की जाएगी।
भाषा पाण्डेय रमण
रमण
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
