scorecardresearch
Saturday, 14 March, 2026
होमदेशएनआईटी श्रीनगर में भारत के पहले सीटीआईईडी की शुरुआत

एनआईटी श्रीनगर में भारत के पहले सीटीआईईडी की शुरुआत

Text Size:

श्रीनगर, 26 मई (भाषा) राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) श्रीनगर में बृहस्पतिवार को बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए प्रौद्योगिकी हस्तक्षेप केंद्र (सीटीआईईडी) का उद्घाटन किया गया जो भारत का इस तरह का पहला केंद्र है।

एनआईटी श्रीनगर के निदेशक प्रोफेसर राकेश सहगल ने इस अवसर पर अपने संबोधन में सीटीआईईडी टीम के सदस्यों को नेक विचार के लिए बधाई दी और कहा कि कि पूरे देश में इससे पहले किसी भी तकनीकी संस्थान या विश्वविद्यालय द्वारा ऐसी कोई पहल नहीं की गई।

उन्होंने कहा, ‘दिव्यांग जन समाज का हिस्सा हैं और हमें नवाचारों एवं प्रौद्योगिकी के माध्यम से उनकी मदद करनी चाहिए। मुझे विश्वास है कि यह केंद्र समुदाय और प्रौद्योगिकी के बीच की खाई को पाटेगा।’

सहगल ने दिव्यांग व्यक्तियों के सामने आने वाली समस्याओं को भी रेखांकित किया और कहा कि तकनीकी नवाचार उनकी समस्याओं एवं परेशानियों को कम करने का काम करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘अगर यह केंद्र अपने मकसद में कामयाब होता है तो यह समाज के लिए हमारा सबसे बड़ा योगदान होगा।’

सहगल ने कहा कि यह पूरे संस्थान के लिए गर्व का क्षण है कि वह इस नेक पहल का नेतृत्व कर रहा है।

उन्होंने सीटीआईईडी के सदस्यों से इस क्षेत्र में तकनीकी नवाचार के लिए काम करने के वास्ते विभिन्न शाखाओं के छात्रों को प्रोत्साहित करने और प्रेरित करने का आग्रह किया।

सीटीआईईडी के अध्यक्ष डॉ. एम ए बजाज ने देश में बुजुर्गों और दिव्यांगों से संबंधित परेशानियों से निपटने के लिए विभिन्न प्रौद्योगिकी नवाचारों से सदस्यों को अवगत कराया।

उन्होंने कहा, ‘यह केंद्र ऐसी नवोन्मेषी, सहायक प्रौद्योगिकी और सेवाओं के विकास की दिशा में काम करेगा जो संस्कृति, लिंग और बुजुर्गों की उम्र के लिहाज से किफायती एवं उपयुक्त हों।’

भाषा नेत्रपाल नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments