त्रिशूर (केरल), 10 मई (भाषा) कोविड-19 पाबंदियों के चलते दो सालों तक बिल्कुल सामान्य ढंग से मनाये जाने बाद इस बार केरल के ऐतिहासिक उत्सव ‘त्रिशूर पूरम’ पर मंगलवार को बड़ी धूम-धाम रही, सजे-धजे हाथियों का जुलूस निकाला गया एवं पारंपरिक गीत-संगीत का कार्यक्रम हुआ।
विभिन्न जातियों, धर्मों एवं आयु के हजारों लोग यहां शाम में इस वार्षिक कार्यक्रम की एक झलक पाने के लिए प्रसिद्ध वड्डाकुन्नाथन मंदिर के सामने विशाल थेक्किनाडू मैदान में पहुंचे। त्रिशूर पूरम को केरल में सभी मंदिर उत्सवों की जननी कहा जाता है।
सदियों पुराने रीति-रिवाज एवं परंपराओं का पालन करते हुए जब पारामेक्कावू और थीरूम्बाड मंदिरों के 15 -15 सजे-धजे हाथी आकर एक दूसरे के सामने खड़े हुए तो लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया।
कोविड महामारी के कारण पिछले दो वर्षों के दौरान इस उत्सव को प्रशासन ने सीमित तौर पर मनाने की इजाजत दी थी।
भाषा
राजकुमार पवनेश
पवनेश
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