मुंबई, 23 अप्रैल (भाषा) मुंबई पुलिस ने विधायक रवि राणा और उनकी सांसद पत्नी नवनीत राणा को उपनगर खार स्थित उनके आवास पर दिनभर चले घटनाक्रम के बाद अपनी सुरक्षा में घर से बाहर निकाला और ‘‘अलग-अलग समूहों में द्वेष पैदा’’करने के आरोप में शनिवार शाम को गिरफ्तार कर लिया।
दंपति द्वारा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निजी आवास ‘मातोश्री’ के सामने हनुमान चालीसा का पाठ करने की योजना स्थगित करने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।
पश्चिमी मुंबई स्थित खार पुलिस थाने के अधिकारी ने बताया कि राणा दंपति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा- 153 ए (अलग-अलग समुदायों में धर्म, भाषा आदि के नाम पर द्वेष उत्पन्न करना) और मुंबई पुलिस अधिनियम की धारा-135 (पुलिस द्वारा लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन) करने का मामला दर्ज किया गया है।
वहीं, नागपुर में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए भाजपा नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि शिवसेना नीत महाराष्ट्र सरकार ‘‘बहुत ही बचकाने’’ तरीके से इस पूरे मामले से निपटी है।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार इसे भाजपा प्रायोजित बताकर अपनी नाकामियों को छिपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर राणा दंपति को वहां (मातोश्री) पर हनुमान चालीसा का पाठ करने देते तो कोई खबर नहीं बनती। मुझे समझ नहीं आता कि इतने सारे लोग कई जगहों पर क्यों इकट्ठा हुए थे, जैसे लग रहा था कि वे (राणा दंपति) पर कोई हमला करने की साजिश रच रहे थे। यह किस तरह की राजनीति है?’’
इससे पहले शिवसेना कार्यकर्ताओं ने उस इमारत को घेर लिया था जहां पर राणा दंपति रहते हैं और उनसे माफी मांगने की मांग की। रवि निर्दलीय विधायक और नवनीत निर्दलीय सांसद हैं।
पुलिस अधिकारियों ने दंपति को पश्चिमी मुंबई स्थित खार पुलिस थाने चलने के लिए पहले राजी किया। शुरुआत में दंपति को इमारत में पुलिस के साथ बहस करते देखा गया। दंपति ने कहा कि वे तब तक नहीं जाएंगे जब तक कि उन शिवसेना नेताओं के खिलाफ भी आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं कर किया जाता जिन्होंने उन्हे ‘ कथित’ धमकी दी है।
नवनीत राणा ने पुलिस से वारंट भी दिखाने की मांग की। हालांकि बाद में वह इमारत से निकलने को तैयार हुई और दंपति दो पुलिस वाहनों में सवार हुए।
वहीं, युवा सेना नेता वरुण सरदेसाई के नेतृत्व में शिवसैनिक सुबह से ही इमारत के बाहर थे और उन्होंने संकल्प लिया था कि राणा दंपति द्वारा माफी मांगे जाने तक वे उन्हें इमारत से बाहर नहीं जाने देंगे। शिवसेना कार्यकर्ताओं में कई महिलाएं भी थीं और जब राणा दंपति बाहर आया तो उन्होंने एक खाली बोतल उनकी ओर उछाली।
रवि राणा ने कहा कि अगर मामला उनके खिलाफ दर्ज किया जा रहा है तो शिवसेना नेता अनिल परब और संजय राउत के खिलाफ भी ‘‘धमकी भरे बयान देने’’ के आरोप में मामला दर्ज होना चाहिए।
इससे पहले सत्तारूढ़ शिवसेना कार्यकर्ताओं के भारी विरोध के चलते रवि राणा और नवनीत राणा ने बांद्रा उपनगर स्थित ‘मातोश्री’ के सामने शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करने की अपनी योजना स्थगित कर दी थी।
रवि राणा ने कहा कि रविवार को प्रधानमंत्री के मुंबई दौरे के मद्देनजर वह कानून व्यवस्था की स्थिति को बाधित नहीं करना चाहते हैं।
भाषा
धीरज देवेंद्र
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