त्रिशूर (केरल), एक अप्रैल (भाषा) कूडलमणिक्कयम मंदिर में धार्मिक आधार पर कार्यक्रम प्रस्तुत करने का अवसर दिये जाने से मना किये जाने पर भरतनाट्यम नृत्यांगना मानसिया वी. पी. के प्रति दो कलाकारों ने एकजुटता प्रदर्शित करते हुए केरल के इस प्राचीन मंदिर में नृत्य उत्सव में भाग नहीं लेने का शुक्रवार को फैसला किया।
भरतनाट्यम नर्तक कार्तिक मणिकंडन ने एक फेसबुक पोस्ट पर कहा कि वह 17 अप्रैल को अपने कार्यक्रम में प्रस्तुति नहीं देंगे।
वहीं, शास्त्रीय नृत्यांगना एवं शोधार्थी अंजू अरविंद ने कहा कि उन्होंने मंदिर में आयोजित हो रहे कार्यक्रम का बहिष्कार करने का फैसला किया है।
कूडलमणिक्कयम नृत्य एवं संगीत उत्सव में भाग लेने से दरकिनार कर दिये गये कलाकारों के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करते हुए कार्तिक ने अपने फेसबुक पेज पर कहा, ‘‘मैं मंदिर में 17 अपैल को कार्यक्रम में भाग नहीं लूंगा।’’
उन्होंने मानिसया और उन सभी कलाकारों को समर्थन देने का संकल्प लिया, जिन्हें धार्मिक आधार पर मंदिर में कार्यक्रम प्रस्तुत करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया।
अंजू को 21 अप्रैल को उत्सव में कार्यक्रम प्रस्तुत करना था। उन्होंने भी फेसबुक के जरिये उत्सव का बहिष्कार करने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि मानसिया को एकमात्र इस आधार पर अनुमति नहीं दी गई कि वह एक गैर-हिंदू हैं।
अंजू ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा, ‘‘एक कलाकार होने के नाते, मेरा मानना है कि कला के लिए कोई जाति या धर्म नहीं है और मैं खुद के हिंदू होने की बात लिखित में देने के बाद मंच पर प्रस्तुति नहीं दे सकती।’’
उल्लेखनीय है कि मानसिया को मंदिर द्वारा 15 से 25 अप्रैल के बीच आयोजित 10 दिवसीय राष्ट्रीय नृत्य एवं संगीत उत्सव में अपना कार्यक्रम प्रस्तुत करना था। उत्सव के दौरान मंदिर में करीब 800 कलाकारों के अपनी प्रस्तुति देने की उम्मीद है।
भाषा
सुभाष नरेश
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