नरसिम्हा राव से मोदी और बुश सीनियर से लेकर ट्रंप तक, पांच भारतीय प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपतियों को शीत युद्ध के संदेहों से भरोसे तक आने में 30 साल लग गए. लेकिन गंभीर स्वास्थ्य संकट से घिरे असंवेदनशील बाइडन-हैरिस ने इसे नजरअंदाज किया. भारत के लोगों का अमेरिका विरोधी स्वर बदल रहा था लेकिन फिर से उस पीड़ा को जगाया जा रहा है.
होम50 शब्दों में मतअसंवेदनशील बाइडन-हैरिस 30 साल में बने भरोसे को खत्म कर रहे हैं, भारत में अमेरिका विरोधी स्वर फिर जग रहा है
