औरंगाबाद (महाराष्ट्र): कोरोनावायरस प्रकोप के बीच महाराष्ट्र के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) के रेजिडेंट डॉक्टरों ने प्रदर्शन कर अपनी खुद की सुरक्षा के लिए निजी सुरक्षात्मक उपकरण (पीपीई) और एन95 सर्जिकल मास्क मुहैया कराने की मांग की.
जीएमसीएच के दो मरीजों और एक स्टाफ में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है.
रेजिडेंट डॉक्टरों ने जीएमसीएच डीन के कार्यालय के बाहर रविवार को प्रदर्शन किया और कहा कि पीपीई और एन-95 मास्क आपात स्वास्थ्य सेवाओं में तैनात डॉक्टरों के लिए आवश्यक हैं.
उन्होंने डीन को एक ज्ञापन सौंपा और कहा कि अगर उन्हें सुरक्षा उपकरण नहीं उपलब्ध कराए गए तो वे अपने छात्रावासों में पृथक वास में रहेंगे.
महाराष्ट्र रेजिडेंट डॉक्टर संघ (एमएआरडी) की औरंगाबाद इकाई के अध्यक्ष आमिर तड़वी ने कहा, ‘कुछ मरीजों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि होने के बावजूद, इमरजेंसी वार्ड में उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों को ये सुरक्षात्मक उपकरण नहीं मुहैया कराए गए हैं.’
उन्होंने कहा कि ये डॉक्टर हर दिन 50 से 100 मरीजों को देखते हैं. बिना सुरक्षात्मक उपकरण के मरीजों का इलाज करना खतरनाक है.
एमएआरडी उपाध्यक्ष डॉ संदीप चौहान ने कहा, ‘भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के दिशा-निर्देशों के मुताबिक अपनी मांग रखी है. हमें उम्मीद है कि बिना किसी बाधा के हमें ये उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे. हमने काम करना बंद नहीं किया है, हमने महज अपनी सुरक्षा के लिए मास्क और पीपीई की मांग की है.’
तड़वी ने बताया कि प्रदर्शन के बाद, इमरजेंसी वार्ड के डॉक्टरों को रविवार को पीपीई और एन95 मास्क उपलब्ध कराए गए.
एमएआरडी अधिकारियों के साथ एक बैठक के बाद जीएमसीएच के डीन डॉ कन्नन येलिकर ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मास्क और पीपीई पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं.