आरबीआई द्वारा 25 बेसिस प्वाइंट का रेट कट और मॉनिटरी पॉलिसी में बदलाव की उदार नीति इससे बेहतर समय में नहीं आ सकती थी. इसे अब अपना ध्यान बैंकों के लिए अधिक लिक्विडिटी देने की ओर बढ़ाना चाहिए.यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि आरबीआई ये सुनिश्चित करे कि रेट कट बैंकों के कर्ज दर और व्यापक अर्थव्यवस्था को मुहैया कराई जाए.
आरबीआई को अब लिक्विडिटी देने और दर में कटौती के हस्तांतरण पर ध्यान देना चाहिए
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