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Sunday, 1 February, 2026
होम50 शब्दों में मतप्रोपेगेंडा या पब्लिसिटी का समय नहीं है- सभी भारतीय छात्रों को घर सुरक्षित लाएं, फिर क्रेडिट तलाशें

प्रोपेगेंडा या पब्लिसिटी का समय नहीं है- सभी भारतीय छात्रों को घर सुरक्षित लाएं, फिर क्रेडिट तलाशें

दिप्रिंट का 50 शब्दों में महत्वपूर्ण मामलों पर सबसे तेज नजरिया.

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यूक्रेन से भारतीय छात्रों को निकालने का तमाशा बनाने के लिए विपक्षी दलों की भाजपा नेताओं की आलोचना जायज है. एक छात्र की मौत हो गई और हजारों फंसे हुए हैं. तमिलनाडु के सीएम स्टालिन सही हैं: यह प्रचार या पब्लिसिटी का समय नहीं है. उन सबको घर सुरक्षित पहुंचाएं, फिर हर तरह से क्रेडिट तलाशें.

 

 

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