नई दिल्ली: ईरान की निजी एयरलाइन महान एयर का एक विमान, जो मंगलवार को मशहद से नई दिल्ली आने वाला था, रविवार को अमेरिकी हवाई हमलों में क्षतिग्रस्त हो गया.
यह ईरानी विमान बुधवार सुबह नई दिल्ली पहुंचने वाला था और यहां से पश्चिम एशिया के देश के लिए मानवीय सहायता लेकर जाना था.
राजनयिक सूत्रों ने दिप्रिंट को बताया कि यह विमान मंगलवार को मशहद से उड़ान भरने वाला था और नई दिल्ली से दवाइयां लेने आ रहा था. एक सूत्र ने बताया कि ये दवाइयां भारत में खरीदी गई थीं और इसके लिए पैसे भारत के लोगों ने एक महीने से चल रहे युद्ध के दौरान दान किए थे.
नई दिल्ली में ईरानी दूतावास को युद्ध शुरू होने के बाद से ही भारतीयों से दान मिल रहा है, जो सोशल मीडिया पर साझा किए गए बैंक खातों के जरिए भेजा गया. पिछले हफ्ते दूतावास ने एक QR कोड भी जारी किया था, जिससे सीधे बैंक खाते में पैसा भेजा जा सके.
सूत्र ने बताया कि यह उड़ान ईरानी अधिकारियों द्वारा आयोजित की गई थी. ईरान कुछ दिनों में एक और विमान भेजने की योजना बना रहा है, जो नई दिल्ली से दवाइयां लेकर जाएगा.
इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब पांचवें हफ्ते में पहुंच गया है. पिछले कुछ हफ्तों में यह और तेज हो गया है, जहां दोनों पक्ष ऊर्जा और महत्वपूर्ण ढांचे पर हमले कर रहे हैं. रविवार को ईरान ने कुवैत में एक बिजली और पानी के प्लांट पर हमला किया, जिसमें एक भारतीय की मौत हो गई.
इस क्षेत्र में करीब 1 करोड़ भारतीय रहते हैं. विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (खाड़ी) असीम महाजन ने सोमवार को कहा कि उनकी सुरक्षा और भलाई भारत सरकार की “सबसे बड़ी प्राथमिकता” है.
उन्होंने कहा, “कल कुवैत में हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई. हम परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं…अब तक 8 भारतीयों की मौत हो चुकी है और एक अभी लापता है.”
इस संघर्ष में अब तक करीब 2000 ईरानी मारे जा चुके हैं, जिनमें 28 फरवरी को सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई भी शामिल हैं. इसके जवाब में ईरान ने क्षेत्र में कई जगहों पर हमले किए हैं, जिससे खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के छह देशों पर ज्यादा असर पड़ा है.
25 मार्च तक ईरान ने सऊदी अरब, ओमान, कतर, कुवैत, बहरीन और UAE पर 4300 से ज्यादा मिसाइल और ड्रोन दागे हैं. इस युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य लगभग बंद हो गया है, जो दुनिया के कुल तेल सप्लाई का पांचवां हिस्सा संभालता है.
इसके बंद होने से वैश्विक तेल कीमतों में तेजी आई है. सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 112 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई. कीमत बढ़ने के बाद अमेरिका ने वैश्विक बाजार को स्थिर रखने के लिए रूस और ईरान के तेल पर लगे प्रतिबंध 30 दिन के लिए हटा दिए हैं. अब रूस और ईरान से आ रहा तेल कोई भी देश खरीद सकता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि ईरान 20 जहाजों को इस रास्ते से निकलने की अनुमति देने वाला है. हालांकि, इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई.
ट्रंप पिछले एक हफ्ते से कह रहे हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच तीसरे पक्ष के जरिए बातचीत चल रही है. पाकिस्तान ने कहा है कि वह अमेरिका के संदेश ईरान तक पहुंचा रहा है. लेकिन ईरान ने ट्रंप के 15 बिंदुओं वाले प्रस्ताव को खारिज कर दिया और अपनी शांति योजना पेश की है.
सऊदी अरब, मिस्र और तुर्किये के विदेश मंत्री भी इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सप्ताहांत में इस्लामाबाद गए थे. पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार मंगलवार को चीन जाने वाले हैं, ताकि युद्ध खत्म करने के प्रयासों को आगे बढ़ाया जा सके.
जैसे-जैसे पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ रहा है, अमेरिका ने ईरान को 6 अप्रैल तक शांति समझौता करने का समय दिया है. यह ट्रंप द्वारा दिया गया दूसरा समय बढ़ाने का फैसला है.
ईरान पर हमलों के अलावा, इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में भी अपने सैन्य अभियान बढ़ा दिए हैं, ताकि और इलाकों पर कब्जा किया जा सके. इससे वहां लंबे समय तक कब्जे का खतरा बढ़ गया है. दक्षिणी लेबनान में एक इजराइली हमले में इंडोनेशिया का एक संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक भी मारा गया.
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