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Thursday, 13 June, 2024
होमविदेशइमरान ने UNGA में फिर अलापा J&K का राग, भारत बोला-'भोला-भाला बनकर पाकिस्तान खुद ही आग लगाता है'

इमरान ने UNGA में फिर अलापा J&K का राग, भारत बोला-‘भोला-भाला बनकर पाकिस्तान खुद ही आग लगाता है’

भारत की प्रथम सचिव स्नेहा दुबे ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा, पाकिस्तान ‘आग लगाने वाला’ है जबकि खुद को ‘आग बुझाने वाले’ के रूप में पेश करने का दिखावा करता है क्योंकि वह आतंकवादियों को पालता है.

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संयुक्त राष्ट्र: भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के कश्मीर मुद्दे का राग अलापने पर करारा जवाब दिया है. भारत ने कहा कि पाकिस्तान एक ऐसा देश है जहां आतंकवादी बेरोक टोक आ जा सकते हैं.

भारत ने कहा कि पाकिस्तान ‘आग लगाने वाला’ है जबकि खुद को ‘आग बुझाने वाले’ के रूप में पेश करने का दिखावा करता है और पूरी दुनिया को उसकी नीतियों के कारण तकलीफ उठानी पड़ी है क्योंकि वह आतंकवादियों को पालता है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का रिकॉर्डेड भाषण भारतीय समयानुसार शनिवार सुबह संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में चलाया गया.

जैसा की हर बार पाकिस्तान जम्मू कश्मीर को लेकर अपनी बात कहता रहा है इसबार भी प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत पर आरोप मढ़े. उन्होंने कहा कि कश्मीर में एकतरफा कदम उठाकर भारत ने जबरदस्ती उसपर कब्जा किया हुआ है.

हालांकि इसबार इमरान खान ने अफगानिस्तान को भी अपने भाषण के केंद्र में रखा. इमरान खान के इस बयान पर यूएन जीए में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहीं भारतीय डिप्लोमैट स्नेहा दुबे ने कहा है कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हमेशा से भारत के अभिन्न हिस्से हैं और रहेंगे. इनमें पाकिस्तान के कब्जे वाले हिस्से भी शामिल हैं. पाकिस्तान को इन्हें तुरंत छोड़ देना चाहिए.

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‘पाकिस्तान ने प्रतिष्ठित मंच की छवि खराब की’

संयुक्त राष्ट्र में भारत की प्रथम सचिव स्नेहा दुबे ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा, ‘पाकिस्तान के नेता द्वारा भारत के आंतरिक मामलों को विश्व मंच पर लाने और झूठ फैलाकर इस प्रतिष्ठित मंच की छवि खराब करने के एक और प्रयास के प्रत्युत्तर में हम अपने जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं.’

हालांकि इमरान ने आगे कहा- ‘हम भारत से अमन चाहते हैं, लेकिन भाजपा वहां दमन कर रही है.’

क्रिकेटर से पीएम की कुर्सी तक पहुंचे खान ने आगे कहा, ‘अब गेंद भारत के पाले में है. भारत को कश्मीर में उठाए गए कदमों को वापस लेना होगा. कश्मीर में बर्बरता बंद और डेमोग्राफिक चेंज बंद करना होगा. भारत सैन्य ताकत बढ़ा रहा है. इससे इस क्षेत्र का सैन्य संतुलन बिगड़ रहा है. दोनों देशों के पास न्यूक्लियर हथियार हैं.

युवा भारतीय राजनयिक ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र में एक बार फिर कश्मीर का राग अलापने पर पाकिस्तान की निंदा करते हुए कहा, ‘इस तरह के बयान देने वालों और झूठ बोलने वालों की सामूहिक तौर पर निंदा की जानी चाहिए. लगातार झूठ बोलने वाले और ऐसी सोच वाले लोग दया के पात्र हैं. मैं इस मंच से स्पष्ट बात रख रही हूं’

भारत ने यूएनजीए में अपने जवाब के अधिकार में कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा प्रतिबंधित सर्वाधिक आतंकवादियों को रखने का घटिया रिकॉर्ड पाकिस्तान के पास है.’

दुबे ने कहा, ‘हम सुनते आ रहे हैं कि पाकिस्तान ‘आतंकवाद का शिकार’ है. यह वह देश है जिसने खुद आग लगायी है और खुद को आग बुझाने वाले के रूप में पेश करता है. पाकिस्तान आतंकवादियों को इस उम्मीद में पालता है कि वे केवल पड़ोसियों को नुकसान पहुंचाएंगे. क्षेत्र और वास्तव में पूरी दुनिया को उनकी नीतियों के कारण नुकसान उठाना पड़ा है. दूसरी ओर, वे अपने देश में सांप्रदायिक हिंसा को आतंकवादी कृत्यों की आड़ में छिपाने की कोशिश कर रहे हैं.’

‘ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में पनाह मिली. आज भी पाकिस्तानी नेतृत्व उसे ‘शहीद’ कहकर महिमामंडित करता है.’

‘जम्मू कश्मीर भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से थे, हैं और रहेंगे.’

पाकिस्तान ने एकबार फिर जम्मू कश्मीर का राग अलापा है जिसपर स्नेहा दुबे ने यूएन महासभा में कहा, समूचे केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर और लद्दाख, भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से थे, हैं और रहेंगे.’

हिंदुओं के साथ पाकिस्तान में हो रेह अत्याचार पर भारत ने भारत ने यूएनजीए में कहा, ‘पाकिस्तान के लिए बहुलवाद को समझना बहुत मुश्किल है जो अपने अल्पसंख्यकों को सरकार में उच्च पदों की आकांक्षा रखने से रोकता है.’

खान ने अपने संबोधन में पांच अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के भारत सरकार के फैसले और पाकिस्तान समर्थक अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के निधन के बारे में बात की.

इमरान खान ने पाकिस्तान को अमेरिकी कृतघ्नता का शिकार बताया

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए संबोधन में अपने देश को अमेरिकी कृतघ्नता का और अंतरराष्ट्रीय दोहरेपन का पीड़ित दिखाने की कोशिश की.

इमरान खान का पूर्व रिकॉर्डेड भाषण शुक्रवार शाम को प्रसारित किया गया जिसमें उन्होंने जलवायु परिवर्तन, वैश्विक इस्लामोफोबिया और ‘भ्रष्ट विशिष्ट वर्गों द्वारा विकासशील देशों की लूट’ जैसे कई विषयों पर बात की. अपनी अंतिम बात को उन्होंने ईस्ट इंडिया कंपनी के भारत के साथ किए गए बर्ताव से जोड़ कर समझाने की कोशिश की.

खान ने भारत सरकार के लिए कठोर शब्दों का इस्तेमाल करते हुए एक बार फिर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को ‘हिंदू राष्ट्रवादी सरकार’ और ‘फासीवादी’ बताया.

खान ने अमेरिका को लेकर गुस्सा और दुख जाहिर किया और उस पर पाकिस्तान तथा अफगानिस्तान दोनों का साथ छोड़ देने का आरोप लगाया.

खान ने कहा, ‘अफगानिस्तान में मौजूदा स्थिति के लिए, कुछ कारणों से, अमेरिका के नेताओं और यूरोप में कुछ नेताओं द्वारा पाकिस्तान को कई घटनाओं के लिए दोष दिया गया.’

उन्होंने कहा, ‘इस मंच से, मैं उन सबको बताना चाहता हूं कि अफगानिस्तान के अलावा जिस देश को सबसे ज्यादा सहना पड़ा है, वह पाकिस्तान है जिसने 9/11 के बाद आतंकवाद के खिलाफ अमेरिकी युद्ध में उसका साथ दिया.’

खान ने कहा कि अमेरिका ने 1990 में अपने पूर्व साथी (पाकिस्तान) को प्रतिबंधित कर दिया था लेकिन 9/11 के हमलों के बाद फिर से उसका साथ मांगा. खान ने कहा कि अमेरिका को पाकिस्तान की तरफ से मदद दी गई लेकिन 80,000 पाकिस्तानी लोगों को जान गंवानी पड़ी. इसके अलावा देश में आंतरिक संघर्ष और असंतोष भी उपजा, वहीं अमेरिका ने ड्रोन हमले भी किए.

खान ने कहा कि ‘तारीफ’ के बजाय पाकिस्तान के हिस्से सिर्फ इल्जाम आया.

खान के शांति कायम करने के बयानों के बावजूद, कई अफ़गानों ने अफगानिस्तान में तालिबान के पुनरुत्थान के लिए पाकिस्तान को तालिबान से उसके करीबी संबंधों के कारण दोषी ठहराया है.

(भाषा के इनपुट्स के साथ)


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