नई दिल्ली: बांग्लादेश की सबसे बड़ी इस्लामिक राजनीतिक पार्टी जमात-ए-इस्लामी ने 12 फरवरी को होने वाले राष्ट्रीय चुनावों से पहले अपना चुनावी घोषणापत्र जारी किया है. इसमें शासन में महिलाओं को ज्यादा शामिल करने, बड़े आर्थिक लक्ष्यों और एक विस्तृत विदेश नीति एजेंडे का वादा किया गया है, जिसमें पाकिस्तान का कोई खास ज़िक्र नहीं है.
जमात के अध्यक्ष शफीकुर रहमान ने बुधवार को ढाका में राजनयिकों, राजनीतिक नेताओं, पत्रकारों, कारोबारी हस्तियों और सिविल सोसायटी के सदस्यों की मौजूदगी में ‘आम लोगों का घोषणापत्र’ जारी किया. इसका नारा है—‘एक सुरक्षित और मानवीय बांग्लादेश’.
88 पन्नों के इस घोषणापत्र में 26 प्राथमिक क्षेत्रों का ज़िक्र है, जिन्हें पार्टी नेताओं ने एक बड़े 41-सूत्रीय प्लान का हिस्सा बताया है. जमात का कहना है कि अगर वह सत्ता में आती है तो अगले पांच साल तक शासन इसी योजना के तहत चलेगा.
इसके मुख्य विषयों में सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की भागीदारी, न्याय और आर्थिक क्षेत्रों में सुधार, और बांग्लादेश के विदेश संबंधों में बदलाव शामिल हैं.
महिलाओं को सशक्त बनाने को लेकर जमात ने कैबिनेट में “काफी संख्या में महिलाओं” को शामिल करने का वादा किया है. हालांकि, अभी तक पार्टी ने किसी महिला उम्मीदवार को मैदान में नहीं उतारा है. पार्टी का यह भी कहना है कि महिलाओं को कैबिनेट के अहम पदों पर नियुक्त किया जाएगा और “स्थानीय सरकार प्रणाली में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व बढ़ाने के लिए विशेष पहल की जाएगी.”
Corruption survives when power is never questioned.
Our #manifesto makes asset disclosure mandatory, digitises government and confiscates illegal wealth with time-bound justice.
This election is about power finally answering to the people.#Jamaat2026 #VoteForDaripalla… pic.twitter.com/RVLqzcDp9L
— Bangladesh Jamaat-e-Islami (@BJI_Official) February 5, 2026
घोषणापत्र में धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों और अन्य ऐतिहासिक रूप से उपेक्षित समूहों को प्रतिनिधित्व देने का भी वादा किया गया है.
इसमें कहा गया है, “कैबिनेट देश की विविधता को दर्शाएगी और धार्मिक, जातीय समुदायों तथा समाज के अन्य उपेक्षित वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा.”
घोषणापत्र में महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण की ज़रूरत पर ज़ोर दिया गया है. हालांकि, रहमान ने पहले महिलाओं के लिए पांच घंटे के कार्यदिवस का सुझाव दिया था, जिसमें बाकी घंटों की मजदूरी सरकार दे, लेकिन यह प्रस्ताव अंतिम दस्तावेज़ में शामिल नहीं है. इसके बजाय कहा गया है कि मातृत्व के दौरान काम के घंटे घटाकर रोज़ पांच किए जा सकते हैं, वह भी मां की सहमति से.
महिलाओं पर दोबारा दिया गया यह ज़ोर हाल ही में हुए उस विवाद के बाद सामने आया है, जब रहमान के एक्स अकाउंट पर महिलाओं से जुड़ा एक पोस्ट थोड़ी देर के लिए दिखा और फिर हटा दिया गया. बाद में जमात ने कहा कि उनका अकाउंट हैक हो गया था.
घोषणापत्र में यह भी कहा गया है कि इस्लामिक शरीअत के अनुसार मुसलमानों के लिए अलग मुस्लिम पर्सनल लॉ बनाने की पहल की जाएगी. इसके अलावा, बांग्लादेश के सुप्रीम कोर्ट के हाई कोर्ट डिविजन में पर्सनल लॉ मामलों के लिए एक विशेष बेंच बनाई जाएगी और यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे कि महिलाओं को कानून के अनुसार विरासत में उनका सही हिस्सा मिले.
विदेश नीति
विदेश नीति में घोषणापत्र पड़ोसी देशों—भारत, भूटान, नेपाल, म्यांमार, श्रीलंका, मालदीव और थाईलैंड, के साथ “आपसी सम्मान और निष्पक्षता” के आधार पर शांतिपूर्ण और सहयोगी रिश्तों की बात करता है.
हालांकि, इसमें पाकिस्तान का ज़िक्र नहीं है, जिसके साथ उसके सबसे करीबी संबंध रहे हैं और जिसने 1971 के मुक्ति संग्राम में उसका साथ दिया था, लेकिन यह मुस्लिम बहुल देशों के साथ रिश्तों को प्राथमिकता देने की बात करता है. इसमें अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ (ईयू), जापान और कनाडा के साथ “रचनात्मक संबंध” विकसित करने की बात कही गई है.
पार्टी ने कहा है कि वह पूर्वी यूरोप, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका में बांग्लादेश की कूटनीतिक मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश करेगी. साथ ही, शांति और सुरक्षा से लेकर मानवाधिकार और आर्थिक विकास जैसे मुद्दों पर संयुक्त राष्ट्र और SAARC तथा ASEAN जैसे क्षेत्रीय संगठनों के साथ सक्रिय जुड़ाव बनाए रखेगी.
आर्थिक संभावनाएं और रक्षा
आर्थिक मोर्चे पर, जमात ने बड़े लक्ष्य रखे हैं. घोषणापत्र में बांग्लादेश की वैश्विक अर्थव्यवस्था में रैंकिंग को 35वें स्थान से 20वें स्थान तक ले जाने का वादा किया गया है. हालांकि, इसके लिए कोई समयसीमा नहीं बताई गई है. इसमें पांच साल के भीतर एक आधुनिक व्यापार नीति बनाने का भी वादा है, जिसका उद्देश्य 15 अरब डॉलर का विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) आकर्षित करना और आयातित सामान पर निर्भरता को 30 प्रतिशत तक कम करना है.
आगे की योजना के तौर पर, पार्टी ने 2040 तक बांग्लादेश को 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और प्रति व्यक्ति आय को 10,000 डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. 2026 की शुरुआत तक, बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था का आकार नाममात्र शर्तों में लगभग 475 अरब डॉलर आंका गया है, जबकि क्रय शक्ति समानता के आधार पर यह करीब 1.78 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाता है.
रक्षा के क्षेत्र में, इसमें राष्ट्रीय रक्षा नीति बनाने, नए सैन्य सिद्धांत के विकास, एक सैन्य शोध संस्थान की स्थापना, रक्षा बजट में बढ़ोतरी और आधुनिकीकरण का ज़िक्र है. इसके अलावा, युवाओं के लिए स्वैच्छिक सैन्य प्रशिक्षण की बात भी कही गई है, जिसमें 18–22 साल के युवाओं (लड़के और लड़कियां) के लिए 6–12 महीने का स्वैच्छिक सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल है, जिसे “प्राथमिकता दी जाएगी.”
जमात-ए-इस्लामी और उसके सहयोगी छात्र संगठन इस्लामी छात्र शिबिर पर 1 अगस्त 2024 को देशभर में हुए प्रदर्शनों के बीच प्रतिबंध लगाया गया था. इन प्रदर्शनों के चार दिन बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनकी सत्तारूढ़ अवामी लीग पार्टी को सत्ता से हटना पड़ा था.
हालांकि, अंतरिम सरकार ने कुछ दिनों बाद यह कहते हुए प्रतिबंध हटा लिया कि पार्टियों को आतंकवाद या हिंसा से जोड़ने के कोई सबूत नहीं हैं. अपने घोषणापत्र में जमात ने खुद को अवामी लीग के 15 साल के शासन में “सबसे ज्यादा प्रताड़ित” बताया है.
11 दलों के गठबंधन की सदस्य इस पार्टी ने सीट बंटवारे की व्यवस्था का ऐलान किया है, जिसके तहत वह 300 संसदीय सीटों में से 179 पर चुनाव लड़ने की योजना बना रही है. जमात की संसद में मौजूदगी 2001 में 17 सीटों के साथ सबसे ज्यादा थी, जो 2008 में घटकर 5 से भी कम रह गई. 2013 में पार्टी का पंजीकरण रद्द कर दिया गया था, जिससे वह 13 साल तक औपचारिक रूप से चुनाव नहीं लड़ सकी.
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