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Saturday, 13 July, 2024
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सिंध पुलिस और सेना के रेंजर आमने-सामने, बाजवा ने IG को अगवा करने के आरोपों की जांच के दिए आदेश

मामला 18-19 अक्टूबर की दरमियानी रात का है जब पीएमएल-एन के रिटायर्ड कप्तान मोहम्मद सफदर को कराची में हिरासत में ले लिया गया था.

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नई दिल्ली: पाकिस्तान में देर रात कथित रूप से पाकिस्तानी रेंजर्स द्वारा सिंध के इंस्पेक्टर जनरल को किडनैप कर उनसे पीएमएल-एन नेता मरियम नवाज शरीफ के पति की गिरफ्तारी के आदेश पर जबरन हस्ताक्षर कराने के आरोप ने सनसनी फैला दी है.

इस घटना के विरोध में सिंध पुलिस के आला अधिकारियों ने छुट्टी पर जाने की अर्जी दे दी थी. हालांकि बाद में सेना प्रमुख से मामले की जांच के आश्वासन के बाद पुलिस अधिकारियों ने अपनी छुट्टी स्थगित कर दी है.

पीएमएल-एन प्रमुख नवाज शरीफ ने ट्वीट कर मामले की निंदा की है. उन्होंने एक प्रांतीय सरकार के जनादेश का मजाक बनाया, संविधान को विकृत करने का आरोप लगाया है.

पुलिस और रेंजर आमने-सामने

मामला 18-19 अक्टूबर की दरमियानी रात का है जब पीएमएल-एन के रिटायर्ड कप्तान मोहम्मद सफदर को कराची में हिरासत में ले लिया गया था.

उनकी गिरफ्तारी के बाद एक पत्रकार ने वॉयस मैसेज साझा किया जिसमें कथित तौर पर पीएमएल-एन नेता और सिंध प्रांत के पूर्व गवर्नर मोहम्मद ज़ुबैर की आवाज है, इसमें वो कह रहे हैं कि पुलिस के इंस्पेक्टर जनरल को अगवा किया गया और उनको मरियम, उनके पति सफदर और 200 अन्य के खिलाफ कायद-ए-आज़म मोहम्मद अली जिन्ना की मज़ार की बदअदबी का आरोप लगाते हुए एफआईआर पर जबरन हस्ताक्षर कराये.

ट्विटर पर चल रही इस क्लिप में ज़ुबैर ये कहते सुनाई दे रहे हैं, ‘मुख्यमंत्री मुराद शाह ने इस बात की पुष्टि की है कि पुलिस पर दबाव बनाया गया कि ये गिरफ्तारियां की जायें.’ जब पुलिस ने मना किया तो रेंजर्स ने (आईजीपी) को अगवा कर लिया.’

पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष मरियम का भी आरोप है कि सिंध के आईजी को जबरन – ‘सेक्टर कमांडर के घर ले जाकर अरेस्ट ऑडर पर साइन कराये गये.’ उनका ये भी कहना था कि अगर आईजी खुद ये गिरफ्तारी करने को तैयार नहीं होते तो रेंजर्स इसको अंजाम देने का काम करेंगे. उनके इस आरोप का मैरिटाइम मामलों के मंत्री अली जैदी ने बकवास बताया.

इस घटना के बाद सिंध पुलिस के अधिकारियों ने धड़ाधड़ छुट्टी पर जाने की अर्जी दे डाली थी. इनमें सिंध के आईजीपी सहित कई आला अफसरों ने एक जैसी अर्जी दी और कहा कि कैप्टन सफदर के एफआईआर के मामले से उभरे शॉक से निकलने के लिए छुट्टी चाहिए.

सिंध पुलिस की तारीफ में मरियम ने ट्वीट कर कहा-

इस तरह से अधिकारियों के छुट्टी पर जाने की अर्जी के बाद पीपीपी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टों ज़रदारी ने सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाज और आईएसआई के निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल फैज़ हमीद से मामले की जांच की गुजारिश की और जानना चाहा कि फौज कैसे सिंध में काम कर रही है. साथ ही बिलावल सिंध के मुख्यमंत्री के साथ वहां के आईजी से मुलाकात कर मामले को सुलझाने पहुंचे.

इसके बाद सिंध पुलिस ने कहा कि वे आर्मी प्रमुख के शुक्रगुजार हैं कि वे पुलिस के आत्मसम्मान को हुए नुकसान को समझ पाये और तुरंत जांच के आदेश दिए औऱ आश्वस्त किया कि जांच निष्पक्ष होगी. साथ ही सिंध के आईजी समेत अन्य अधिकारियों ने 10 दिनों के लिए अपनी छुट्टी की अर्जी ‘राष्ट्र हित में’ आगे बढ़ा दी है और वे जांच के पूरे होने का इंतज़ार करेंगे.

क्या था  आरोप

अक्टूबर 18 को पीपीपी ने कराची में एक रैली की थी. सफदर ने अपने पार्टीे के कर्मचारियों और मरियम के साथ कायद-ए -आज़म की मज़ार में घुस कर नारेबाजी की थी जिसकी बहुत आलोचना हुई थी. अगले दिन इनके होटल के कमरे से उनको गिरफ्तार कर लिया गया था – उन पर जिन्ना की मजार की बेदअदबी और कुछ लोगों की हत्या करने की धमकी देने का आरोप लगाया गया था. सफदर को बाद में बेल पर रिहा कर दिया गया था.

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