लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग के सर्वांगीण सशक्तीकरण की दिशा में ठोस कदम उठा रही है. शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से सरकार का लक्ष्य इन वर्गों को सम्मानजनक जीवन देना है.
इसी क्रम में दिव्यांग विश्वविद्यालयों को सशक्त बनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं.
पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाएं पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी ढंग से लागू हों.
डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ और जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय, चित्रकूट की समीक्षा करते हुए मंत्री ने शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार, रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति और निर्माण कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए.
वित्तीय वर्ष 2025-26 में: शादी अनुदान योजना से 72,690 लाभार्थी लाभान्वित, छात्रवृत्ति योजना से 12,76,303 विद्यार्थी लाभान्वित, कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना में हजारों युवाओं को प्रशिक्षण का लक्ष्य, दिव्यांगजनों को मजबूत सामाजिक सुरक्षा.
वर्तमान में 11.88 लाख दिव्यांगजनों को पेंशन, 16.97 लाख को निःशुल्क बस यात्रा का लाभ मिल रहा है. मंत्री ने स्पष्ट किया कि दिव्यांगजनों के हित में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
राज्य स्तरीय दिव्यांग खेलकूद प्रतियोगिता, राष्ट्रीय कार्यशालाएं, चित्रकला और हस्तकला प्रदर्शनियों के आयोजन की योजना बनाई गई है, जिससे दिव्यांग प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा.
