नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में महिलाओं की बढ़ती आर्थिक भागीदारी राज्य की तेज रफ्तार अर्थव्यवस्था की बड़ी ताकत बनकर उभरी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते नौ वर्षों में महिला श्रम बल भागीदारी दर 13 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत तक पहुंच गई है. इसी अवधि में प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद 13 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये की ओर अग्रसर है.
आंकड़ों के अनुसार महिला श्रम बल में हर 1 प्रतिशत वृद्धि से जीएसडीपी में 0.5 से 1 प्रतिशत तक अतिरिक्त बढ़ोतरी होती है. महिलाओं की आय बढ़ने से घरेलू उपभोग, एमएसएमई और सेवा क्षेत्र को गति मिली है. ग्रामीण स्वयं सहायता समूह, डेयरी और शहरी सेवाओं में महिलाएं ग्रोथ मल्टीप्लायर की भूमिका निभा रही हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में महिलाओं की भूमिका निर्णायक होगी.
