भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि डॉ. बी.आर. अंबेडकर की जयंती के अवसर पर राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
उन्होंने बताया कि अंबेडकर जयंती के कार्यक्रम 8 अप्रैल से शुरू होकर 14 अप्रैल तक चलेंगे. राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम भिंड जिला मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक से पहले मंत्रिपरिषद को संबोधित करते हुए यह घोषणा की.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला मुख्यालयों के साथ-साथ सभी विकासखंड स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. उन्होंने प्रभारी मंत्रियों को अपने-अपने जिलों में कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
सीएम यादव ने बताया कि संत रविदास जयंती वर्ष के तहत राज्य में 31 मार्च 2027 तक सामाजिक समरसता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों की रूपरेखा जिला स्तर पर तैयार की जाएगी और मंत्रियों को इनके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए हैं.
मुख्यमंत्री ने राज्य में हाल के विकास कार्यों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश के लिए कई फोर-लेन सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है.
इनमें NH-46 के इटारसी-बैतूल सेक्शन पर 22 किमी लंबा टाइगर कॉरिडोर शामिल है, जिसकी लागत लगभग 758 करोड़ रुपये है. इसके अलावा मध्य प्रदेश के निवाड़ी को उत्तर प्रदेश के झांसी से जोड़ने वाले 15.6 किमी लंबे फोर-लेन साउदर्न बायपास को भी मंजूरी मिली है.
इसके साथ ही बंगाय खास-ओरछा तिगेला मार्ग और NH-44 व NH-39 को जोड़ने वाली लिंक रोड परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी गई है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से राज्य में व्यापार, आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने इन मंजूरियों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया.
इसके अलावा उन्होंने हाल ही में उज्जैन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में प्रसिद्ध खगोलविदों और वैज्ञानिकों ने भारतीय समय गणना प्रणाली के वैज्ञानिक आधार और ऐतिहासिक महत्व पर चर्चा की.
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन ऐतिहासिक रूप से समय गणना का प्रमुख केंद्र रहा है और इसे वैश्विक स्तर पर फिर से स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं.
