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Wednesday, 28 January, 2026
होमरिपोर्टकथक बैले ‘मैं बिहार हूं’ में नृत्य के जरिए उभरी बिहार की सांस्कृतिक चेतना

कथक बैले ‘मैं बिहार हूं’ में नृत्य के जरिए उभरी बिहार की सांस्कृतिक चेतना

बापू टावर संग्रहालय में आईसीसीआर के सहयोग से हुआ भव्य आयोजन, दर्शक हुए भावविभोर.

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नई दिल्ली: बिहार की राजधानी पटना में भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर), पटना और बापू टावर के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को कथक बैले “मैं बिहार हूं” का भव्य आयोजन किया गया. बापू टावर संग्रहालय में आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या में नृत्य के माध्यम से बिहार की समृद्ध विरासत, गौरवशाली इतिहास और जीवंत परंपराओं को प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया गया.

कार्यक्रम की मुख्य प्रस्तुति नई दिल्ली की प्रख्यात कथक नृत्यांगना स्वाति सिन्हा और उनके दल ने दी. कथक बैले के विभिन्न दृश्यों में छठ पूजा, नालंदा और विक्रमशिला जैसे प्राचीन ज्ञान केंद्रों के साथ बिहार की लोक और आध्यात्मिक परंपराओं को जीवंत किया गया.

कार्यक्रम में आईसीसीआर की क्षेत्रीय निदेशक सुधा रिज़वी, पूर्व आईएएस अधिकारी और कथक नृत्यांगना नीलम चौधरी सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे. नीलम चौधरी ने कहा कि कथक कथा कहने की परंपरा से जुड़ा एक सशक्त कला माध्यम है. कार्यक्रम का संचालन बापू टावर संग्रहालय के निदेशक विनय कुमार के निर्देशन में हुआ.

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