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Tuesday, 17 March, 2026
होमरिपोर्टसीएम योगी के स्वदेशी अभियान को नई उड़ान दे रहे ‘स्वदेशी मेले’

सीएम योगी के स्वदेशी अभियान को नई उड़ान दे रहे ‘स्वदेशी मेले’

मेले में उपभोक्ताओं को जीएसटी में छूट, दीपावली ऑफर और विशेष रियायतें मिल रही हैं. सीधे उत्पादक से खरीदारी का अवसर मिलने से मूल्य में पारदर्शिता भी बनी रहती है.

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लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन है कि जब स्थानीय उत्पादों को सम्मान मिलेगा, तभी आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा. इसी सोच के तहत प्रदेश के सभी जनपदों में आयोजित हो रहे “स्वदेशी मेले” स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध करा रहे हैं और ‘वोकल फॉर लोकल’ तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को मजबूती दे रहे हैं.

दीपावली के अवसर पर ये मेले कारीगरों, हस्तशिल्पियों और उद्यमियों को आर्थिक मजबूती और सामाजिक सम्मान दोनों प्रदान कर रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी का स्पष्ट संदेश है कि स्वदेशी सिर्फ अभियान नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की जीवनशक्ति है. उनका लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश का हर नागरिक अपने आस-पास निर्मित उत्पादों को अपनाए और राज्य को आर्थिक रूप से सशक्त व सांस्कृतिक रूप से गौरवान्वित बनाए.

स्वदेशी मेले का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना और आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करना है. इन मेलों में कारीगरों और हस्तशिल्पियों को सीधे बाजार मिल रहा है, उपभोक्ता देशी उत्पादों की गुणवत्ता और विविधता का अनुभव कर रहे हैं. पारंपरिक कला और शिल्प को जीवित रखने के साथ-साथ रोजगार सृजन और आर्थिक विकास में भी यह पहल मददगार साबित हो रही है.

मुख्यमंत्री योगी की इस पहल से जनपद स्तर पर करोड़ों रुपए का व्यापार होने की संभावना है. इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) प्रोत्साहित होंगे, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर मिलेंगे, स्थानीय कारीगरों की आय बढ़ेगी और महिला उद्यमियों को नई पहचान मिलेगी. युवाओं में उद्यमशीलता की भावना को भी बल मिलेगा.

स्वदेशी मेला केवल व्यापार का मंच नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति और कला का उत्सव भी है. हथकरघा, खादी, ग्रामोद्योग और माटी कला जैसे पारंपरिक क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जा रहा है. लोकगीत, लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से मेले का रंग-बिरंगा वातावरण तैयार किया गया है. संस्कृति विभाग, युवक मंगल दल, नेहरू युवा केंद्र और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से यह आयोजन सांस्कृतिक उत्सव भी बन चुका है.

मेले में उपभोक्ताओं को जीएसटी में छूट, दीपावली ऑफर और विशेष रियायतें मिल रही हैं. सीधे उत्पादक से खरीदारी का अवसर मिलने से मूल्य में पारदर्शिता भी बनी रहती है. इससे प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और लघु उद्योगों के निर्यात की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं.

इन मेलों में उद्योग विभाग, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड, माटी कला बोर्ड, हथकरघा विभाग, रेशम विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, ODOP, सीएम युवा और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे उनके उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँच रहे हैं.

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