नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई तेज कर दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खाद्य एवं रसद विभाग और जिला प्रशासन लगातार आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं.
उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर सभी जिलाधिकारियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया है. शुक्रवार को जनपद स्तर पर प्रवर्तन टीमों ने 1,483 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की. इस दौरान एलपीजी वितरकों के खिलाफ 4 एफआईआर और कालाबाजारी में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ 20 एफआईआर दर्ज की गईं. 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 19 लोगों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई हुई.
प्रदेश में 4,108 एलपीजी वितरकों के जरिए उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुसार रिफिल उपलब्ध कराई जा रही है. सरकार के अनुसार वितरकों के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है.
व्यावसायिक जरूरतों के लिए भारत सरकार ने वाणिज्यिक सिलेंडरों की कुल खपत का 20 प्रतिशत तक आवंटन मंजूर किया है. आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम बनाया गया है, जबकि सभी जिलों में भी कंट्रोल रूम काम कर रहे हैं.
