लखनऊ: केंद्रीय बजट 2026-27 में उत्तर प्रदेश के सारनाथ और हस्तिनापुर को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई है.
इसके साथ ही नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड, टूरिज्म ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी को अपग्रेड करने का प्रावधान किया गया है.
बजट के तहत आईआईएम के सहयोग से 10,000 टूरिस्ट गाइडों को प्रशिक्षित किया जाएगा.
यह प्रशिक्षण युवा गाइडों के पेशेवर कौशल, भाषा और डेस्टिनेशन नॉलेज पर केंद्रित होगा. इससे उत्तर प्रदेश जैसे पर्यटन समृद्ध राज्य में रोजगार और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा.
सारनाथ में धमेख स्तूप, चौखंडी स्तूप और सिंह शीर्ष वाला अशोक स्तंभ समेत बौद्ध विहारों के अवशेष हैं. वहीं हस्तिनापुर में महाभारत कालीन पॉटरी और पांडव टीला, कर्ण मंदिर जैसी ऐतिहासिक धरोहरें स्थित हैं. इन स्थलों का विकास पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगा.
