नई दिल्ली: बिहार में बजट 2026-27 से पहले राज्य सरकार ने विकास की प्राथमिकताओं को लेकर व्यापक मंथन शुरू कर दिया है. गुरुवार को पटना स्थित पुराने सचिवालय में आयोजित बैठक में वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा, तकनीक, उद्योग और संचार जैसे क्षेत्रों में बिहार तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले पांच साल में इन उपलब्धियों को एक साझा मंच पर लाने की जरूरत है. बैठक में कृषि मंत्री राम कृपाल यादव और वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर भी मौजूद रहे.
बैठक में स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, सूचना तकनीक, विज्ञान, संस्कृति, पर्यटन, करारोपण, पर्यावरण और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े अधिकारियों व प्रतिनिधियों ने बजट के लिए सुझाव दिए. इनमें प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण, एआई आधारित शोध, आईटी हब, स्टार्टअप, ई-वेस्ट नीति और कलाकारों के मानदेय जैसे मुद्दे शामिल रहे.
कृषि क्षेत्र में आम और पान की ब्रांडिंग, कृषि बाजारों के आधुनिकीकरण, दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने और शीतगृह निर्माण पर जोर दिया गया. वित्त मंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचे के विस्तार से बिहार नई अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है और रोजगार सृजन सरकार की प्राथमिकता है.
यह भी पढ़ें: कैसे सुप्रीम कोर्ट का उमर-शरजील जमानत आदेश पहले के फैसलों के खिलाफ है
