scorecardresearch
Tuesday, 10 March, 2026
होमरिपोर्टमोहन यादव का ऐलान: रानी दुर्गावती अभयारण्य में भी छोड़े जाएंगे चीते, राज्य में बनेंगे तीन आवास

मोहन यादव का ऐलान: रानी दुर्गावती अभयारण्य में भी छोड़े जाएंगे चीते, राज्य में बनेंगे तीन आवास

कुनो और गांधी सागर के बाद नौरादेही (रानी दुर्गावती अभयारण्य) होगा तीसरा ठिकाना; कुनो में चीता ज्वाला ने दिए 5 शावक.

Text Size:

भोपाल: मोहन यादव ने मंगलवार को घोषणा की कि राज्य सरकार जल्द ही रानी दुर्गावती अभयारण्य में भी चीतों को छोड़ेगी. इसके साथ ही मध्य प्रदेश में चीतों के लिए तीसरा आवास तैयार हो जाएगा.

मुख्यमंत्री ने यह जानकारी मंत्रिपरिषद की बैठक शुरू होने से पहले मंत्रियों को संबोधित करते हुए दी.

उन्होंने कहा, “मध्य प्रदेश में चीते तेजी से बढ़ रहे हैं और हाल ही में पांच नए शावकों के जन्म से यहां का चीता परिवार और समृद्ध हुआ है. लगभग दो महीने में रानी दुर्गावती अभयारण्य (नौरादेही) में भी चीतों को छोड़ा जाएगा. इससे मध्य प्रदेश में चीतों के लिए तीन आवास हो जाएंगे.”

अभी राज्य में चीते कुनो राष्ट्रीय उद्यान और गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में रखे गए हैं.

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य की जैव विविधता को और मजबूत करने के लिए अलग-अलग जलाशयों में मगरमच्छ, घड़ियाल और कछुए भी छोड़े जाएंगे.

गौरतलब है कि सोमवार को नामीबिया से लाई गई चीता ज्वाला ने कुनो राष्ट्रीय उद्यान में पांच शावकों को जन्म दिया. इसके साथ ही वह तीसरी बार सफलतापूर्वक मां बनी है.

इन पांच शावकों के जन्म के बाद देश में पले-बढ़े चीतों के शावकों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है और कुल चीता आबादी 53 तक पहुंच गई है.

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “कुनो नेशनल पार्क से फिर अच्छी खबर आई है. चीता ज्वाला ने पांच शावकों को जन्म दिया है, जो प्रोजेक्ट चीता के लिए एक और बड़ी उपलब्धि है. इसके साथ ही भारत में चीतों की संख्या 53 हो गई है.”

मंत्रियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए भी कई घोषणाएं कीं. उन्होंने कहा कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,625 रुपये प्रति क्विंटल पर गेहूं खरीद के साथ 40 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस देगी.

इसके अलावा उड़द की फसल की खरीद पर 600 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस देने की भी घोषणा की गई, ताकि दलहन उत्पादन को बढ़ावा मिल सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि उड़द खरीद पर ऐसा प्रोत्साहन देने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है.

उन्होंने बताया कि गेहूं खरीद के लिए पंजीकरण 10 मार्च 2026 से शुरू हो गया है और अधिकारियों को किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.

मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि पचमढ़ी को जर्मनी की एक अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण संस्था ने “ग्रीन डेस्टिनेशन” का प्रमाणपत्र दिया है.

उन्होंने कहा कि यह प्रमाणन मध्य प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को विकसित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है. मुख्यमंत्री के अनुसार, पचमढ़ी देश का पहला स्थान है जिसे यह प्रमाणपत्र मिला है और राज्य सरकार इसे पर्यावरण के एक आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करेगी.

इस दौरान मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश सरकार और मंत्रिपरिषद की ओर से भारतीय क्रिकेट टीम को टी20 विश्व कप जीतने पर बधाई भी दी.

share & View comments