मुंबई: महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की स्थानीय इकाइयों ने अंबरनाथ नगर परिषद में कांग्रेस के साथ और अकोट नगर परिषद में AIMIM के साथ गठबंधन कर लिया है, ताकि दोनों शहरी निकायों पर नियंत्रण हासिल किया जा सके. इससे राज्य में दोनों राष्ट्रीय दलों के नेतृत्व में नाराज़गी है.
इन गठबंधनों की हर तरफ आलोचना होने के बाद, राज्य बीजेपी नेतृत्व ने इन स्थानीय गठबंधनों से दूरी बना ली और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी, जबकि कांग्रेस ने अपनी अंबरनाथ इकाई को भंग कर दिया.
मुंबई महानगर क्षेत्र की अंबरनाथ नगर परिषद में, बीजेपी ने अपनी सहयोगी एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को सत्ता से बाहर रखने के लिए कांग्रेस से हाथ मिला लिया.
विदर्भ के अकोला जिले की अकोट नगर परिषद में बीजेपी ने असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM और अन्य दलों के साथ मिलकर सत्ता हासिल की.
बीजेपी के राज्य नेतृत्व ने अकोट और अंबरनाथ की स्थानीय नेतृत्व को नोटिस भेजा है और कहा है कि अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
एबीपी न्यूज़ नेटवर्क से बात करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “मैं बहुत साफ शब्दों में कह रहा हूं. हम कांग्रेस और AIMIM के साथ किसी भी तरह के गठबंधन को बर्दाश्त नहीं करेंगे. इस गठबंधन को तोड़ना होगा. अगर स्थानीय स्तर पर किसी ने ऐसा कहा या किया है, तो वह गलत है और उस पर कार्रवाई होगी.”
राज्य कांग्रेस नेतृत्व ने अंबरनाथ के अध्यक्ष प्रदीप पाटिल को निलंबित कर दिया है और इकाई को भंग कर दिया है.
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने पत्रकारों से कहा, “हम कहीं भी बीजेपी का समर्थन करने का सवाल ही नहीं उठता. स्थानीय स्तर पर, अगर चुनाव के बाद कोई गठबंधन बनता है, तो उन्हें हमारी अनुमति लेनी होगी. हमने यह निर्देश सभी को दिए हैं. हम बीजेपी के साथ कहीं नहीं गए हैं और भविष्य में भी उनके साथ जाने का कोई सवाल नहीं है.”
सपकाल ने कहा, “हमने वहां के अपने स्थानीय तालुका अध्यक्ष और पार्षदों से स्पष्टीकरण मांगा है.”
एक्स पर एक बयान में, कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने कहा कि अंबरनाथ में अलग-अलग दलों के कार्यकर्ता “स्थानीय स्तर पर शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ, पार्टी पहचान और चुनाव चिन्हों को एक तरफ रखकर” साथ आए हैं.
अंबरनाथ येथे पक्षीय अभिनिवेश व चिन्ह बाजूला ठेवून स्थानिक पातळीवरील शिंदे सेनेने केलेल्या भ्रष्टाचाराविरुद्ध विविध पक्षीय कार्यकर्त्यांनी अंबरनाथ विकास आघाडी स्थापन केली आहे. यात अपक्षही सामिल आहेत.
त्यामुळे काँग्रेस आणि भाजप एकत्र आले अशा बातम्या चुकीच्या आहेत. कृपया नोंद…— Sachin Sawant सचिन सावंत (@sachin_inc) January 7, 2026
उन्होंने कहा कि निर्दलीय भी इस मोर्चे का हिस्सा हैं और कांग्रेस व बीजेपी के एक साथ आने के दावे “गलत” हैं.
दिप्रिंट ने टिप्पणी के लिए AIMIM नेता इम्तियाज़ जलील से फोन पर संपर्क किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. उनके जवाब देने पर रिपोर्ट को अपडेट कर दिया जाएगा.
अंबरनाथ और अकोट में क्या हुआ
ठाणे जिले के अंबरनाथ में, पिछले महीने हुए चुनाव में बीजेपी ने अकेले चुनाव लड़ा और 60 में से 14 सीटें जीतीं.
एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना, जो महायुति सरकार में बीजेपी की सहयोगी है, परिषद में 27 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. यह परिषद ठाणे जिले का हिस्सा है, जो उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का गृह क्षेत्र है.
बीजेपी की स्थानीय इकाई ने कांग्रेस की स्थानीय इकाई और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के साथ, एक निर्दलीय के साथ मिलकर, 31 पार्षदों वाली ‘अंबरनाथ विकास आघाड़ी’ बनाई और परिषद में बहुमत हासिल कर लिया.
पार्टी की स्थानीय इकाई ने 31 दिसंबर को ठाणे जिला कलेक्टर को एक पत्र सौंपकर इस गठन की जानकारी दी, जिसमें बीजेपी के अभिजीत करंजुले पाटिल को समूह नेता बताया गया.
मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए, शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के विधायक बालाजी किनीकर ने कहा, “स्थानीय नेताओं ने अपनी स्वार्थ की वजह से सिर्फ सत्ता के लिए कांग्रेस के साथ एक अप्राकृतिक गठबंधन बनाया है. उन्होंने बीजेपी के ‘कांग्रेस-मुक्त भारत’ के रुख में छेद कर दिया है.”
विदर्भ के अकोला जिले के अकोट में, पिछले महीने हुए चुनाव में 35 सदस्यीय स्थानीय निकाय की 33 सीटों के लिए मतदान हुआ. इसमें बीजेपी 11 पार्षदों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. AIMIM ने पांच सीटें जीतीं.
नगर परिषद पर नियंत्रण पाने के लिए बीजेपी के स्थानीय नेतृत्व ने दोनों शिवसेनाओं, दोनों एनसीपी और बच्चू कडू की प्रहार जनशक्ति पार्टी को मिलाकर ‘अकोट विकास मंच’ बनाया.
AIMIM के पार्षद भी इस मोर्चे का हिस्सा हैं, जबकि कांग्रेस और वंचित बहुजन आघाड़ी विपक्ष में बैठेंगी.
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा, “AIMIM हमारे आसपास कहीं नहीं है और हम उनके आसपास कहीं नहीं हैं, लेकिन बीजेपी का AIMIM के साथ एक छुपा हुआ गठबंधन है और अकोट जैसी कुछ जगहों पर यह खुलकर सामने है. यह उनका दोहरा मापदंड है.”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का बीजेपी के साथ हाथ मिलाना भी “गलत” है.
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