scorecardresearch
Friday, 9 January, 2026
होमरिपोर्टउत्तर प्रदेश में अप्रेंटिसशिप से युवाओं को रोजगार की राह, उद्योगों से मजबूत जुड़ाव

उत्तर प्रदेश में अप्रेंटिसशिप से युवाओं को रोजगार की राह, उद्योगों से मजबूत जुड़ाव

उत्तर प्रदेश में 2025–26 में 83 हजार से अधिक युवाओं को मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण अवसर.

Text Size:

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में युवाओं के कौशल विकास और रोजगारपरक प्रशिक्षण को गति देने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने अप्रेंटिसशिप को प्राथमिकता दी है. राज्य में संचालित अप्रेंटिसशिप योजनाओं के जरिए युवाओं को उद्योगों और एमएसएमई इकाइयों से जोड़ा जा रहा है. वर्ष 2025–26 में 83,277 युवाओं को विभिन्न औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों में शिक्षुता प्रशिक्षण के लिए योजित किया गया है.

व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिलदेव अग्रवाल ने कहा कि अप्रेंटिसशिप से युवाओं को केवल प्रमाण पत्र नहीं, बल्कि व्यावहारिक अनुभव भी मिल रहा है. नेशनल और मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजनाओं के तहत दी जा रही प्रतिपूर्ति से अधिष्ठानों की भागीदारी बढ़ी है.

राज्य में प्रतिपूर्ति व्यवस्था से शिक्षुओं को आर्थिक सहयोग और उद्योगों को प्रशिक्षु रखने का प्रोत्साहन मिल रहा है. बीते वर्षों में सैकड़ों नए अधिष्ठानों के पंजीकरण से प्रशिक्षण के अवसर बढ़े हैं. सरकार का मानना है कि यह मॉडल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ प्रदेश को कुशल मानव संसाधन का केंद्र बना रहा है.


यह भी पढ़ें: कैसे सुप्रीम कोर्ट का उमर-शरजील जमानत आदेश पहले के फैसलों के खिलाफ है


 

share & View comments