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Sunday, 22 March, 2026
होमरिपोर्ट‘उन्हें धुरंधर धामी कहा जाना चाहिए’: उत्तराखंड सरकार के 4 साल पूरे होने पर बोले राजनाथ सिंह

‘उन्हें धुरंधर धामी कहा जाना चाहिए’: उत्तराखंड सरकार के 4 साल पूरे होने पर बोले राजनाथ सिंह

हल्द्वानी में जनसभा को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की तारीफ की, राज्य के विकास का श्रेय उन्हें दिया.

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हल्द्वानी (उत्तराखंड): रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए उन्हें “धुरंधर धामी” कहा.

उत्तराखंड सरकार के चार साल पूरे होने पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने धामी के नेतृत्व में चल रही सरकार पर गर्व जताया और राज्य के विकास का श्रेय उन्हें दिया.

उन्होंने कहा, “यह कार्यक्रम पुष्कर धामी के चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर आयोजित किया गया है. चुनाव के समय मैंने उनसे कहा था कि उनके नेतृत्व में भाजपा जीतेगी, और भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला. मैंने एक बैठक में कहा था कि ‘हमारे धामी साधारण नहीं हैं, वह धाकड़ धामी हैं… अब उन्हें धुरंधर धामी कहा जाना चाहिए.’ उत्तराखंड ने कई क्षेत्रों में देश में अग्रणी स्थान हासिल किया है.”

राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल को भी याद किया, जब उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ था.

उन्होंने कहा, “उत्तराखंड की भूमि देवभूमि है. मैंने भी 10-12 दिनों के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में काम किया था. जब मैं उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री था, उसी समय उत्तराखंड का गठन हुआ था. उत्तराखंड आस्था, अध्यात्म, संस्कृति और ऋषियों की भूमि है, इसे तपोभूमि माना जाता है.”

रक्षा मंत्री ने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार इसका समाधान “संवाद और कूटनीति” से चाहती है.

उन्होंने कहा, “आज पूरा विश्व संकट के दौर से गुजर रहा है. यह चिंता का विषय सिर्फ भारत के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए है. आज भी हमारे प्रधानमंत्री ने कहा है कि युद्ध का समाधान युद्ध से नहीं, बल्कि संवाद और कूटनीति से निकलेगा. इस वैश्विक समस्या का समाधान बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों से होना चाहिए.”

उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक संकट को देखते हुए अन्य देशों की तरह भारत को भी ऊर्जा या खाद की कमी का सामना करना पड़ सकता था, लेकिन प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व के कारण देश इस संकट से बचा हुआ है.

उन्होंने कहा, “मौजूदा वैश्विक संकट को देखते हुए यह संभव था कि अन्य देशों की तरह हमें भी ऊर्जा या खाद संकट का सामना करना पड़ता. लेकिन प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता और समझदारी के कारण भारत अब तक इस संकट में फंसने से बचा है. इस संकट को वैश्विक स्तर पर हल करने के लिए प्रधानमंत्री जो प्रयास कर रहे हैं, उन्हें उत्तराखंड को भी समर्थन देना चाहिए.”

उन्होंने आगे कहा, “हमारे प्रधानमंत्री ने दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ाया है. आज जब भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बोलता है तो दुनिया ध्यान से सुनती है.”

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