लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश में अवैध नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने बड़ी कार्रवाई की है. कोडीनयुक्त कफ सिरप और एनडीपीएस श्रेणी की दवाओं की पैरेलल सप्लाई चेन को ध्वस्त करते हुए प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर छापेमारी और जांच की गई है. योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह अब तक का सबसे बड़ा क्रैकडाउन माना जा रहा है.
मुख्यमंत्री के निर्देश पर तीन माह पहले शुरू किए गए इस विशेष अभियान का उद्देश्य कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध भंडारण, क्रय-विक्रय, वितरण और गैरकानूनी डायवर्जन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना था. अभियान के तहत एफएसडीए ने पहले आंतरिक स्तर पर गहन जांच की, जिसके बाद पूरे प्रदेश में सख्त कार्रवाई शुरू की गई.
एफएसडीए ने देश का सबसे बड़ा क्रैकडाउन शुरू करने से पहले झारखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में विवेचना की. इस दौरान उत्तर प्रदेश के सुपर स्टॉकिस्ट और होलसेलर के साथ उनके कारोबारी संबंधों के पुख्ता सबूत जुटाए गए. जांच के बाद जब प्रदेश में कार्रवाई शुरू हुई तो कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध डायवर्जन की पूरी परतें सामने आने लगीं. एफएसडीए की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस और एसटीएफ ने नशे के सौदागरों के खिलाफ कार्रवाई तेज की.
मुख्यमंत्री के निर्देश पर सिरप का नशे के रूप में इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ एनडीपीएस और बीएनएस के तहत मुकदमे दर्ज किए गए. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई को सही ठहराते हुए 22 मामलों में आरोपियों की रिट याचिकाएं और गिरफ्तारी पर रोक से जुड़ी अर्जियां खारिज कर दीं.
पिछले तीन महीनों में एफएसडीए ने 52 जनपदों में 332 से अधिक थोक औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों की जांच की. जांच में मिले अभिलेखीय और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर 36 जनपदों की 161 फर्मों और संचालकों के खिलाफ बीएनएस और एनडीपीएस एक्ट की सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई. साथ ही, अवैध नशे से अर्जित संपत्ति जब्त करने के लिए जिलाधिकारियों को गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई के लिए पत्र भेजे गए.
एफएसडीए की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस और एसटीएफ ने कुल 79 मामले दर्ज किए हैं, जिनमें अब तक 85 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो चुकी है. मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी भी सक्रिय है और माना जा रहा है कि अगले महीने जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी. फिलहाल पूरे प्रदेश में कार्रवाई लगातार जारी है.
