गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से आह्वान किया है कि वे किसी एक खेल को गोद लेकर उससे जुड़ी प्रतिभाओं को तराशें और खेल के माध्यम से अनुशासन, खेल भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दें. उन्होंने कहा कि खेल गतिविधियों के विस्तार से युवा नशे और सामाजिक विकृतियों से दूर रहेंगे.
मुख्यमंत्री शुक्रवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में आयोजित पूर्वी क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालय बास्केटबॉल (महिला) प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि “युवा खेलेगा तो खिलेगा” और यही युवा 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा.
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश में एक नई खेल संस्कृति विकसित हुई है. खेलो इंडिया, फिट इंडिया और सांसद खेल प्रतियोगिता जैसे अभियानों से गांव-गांव तक खेल प्रतिभाओं को मंच मिला है. पहले खेल और खिलाड़ियों की उपेक्षा होती थी, लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय स्तर का इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रोत्साहन उपलब्ध कराया जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़े पैमाने पर मजबूत किया गया है. ग्राम पंचायतों में खेल मैदान और ओपन जिम, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और जिला स्तर पर स्टेडियम विकसित किए जा रहे हैं. अब तक 96,000 से अधिक युवक और महिला मंगल दलों को स्पोर्ट्स किट वितरित की जा चुकी हैं.
खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने कहा कि ओलंपिक, एशियाड, कॉमनवेल्थ गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप के पदक विजेताओं को नकद पुरस्कार और सरकारी नौकरी दी जा रही है. प्रदेश सरकार अब तक 500 से अधिक पदक विजेता खिलाड़ियों को सीधे सरकारी सेवा में नियुक्त कर चुकी है.
मुख्यमंत्री ने 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक के लिए अभी से तैयारी करने पर जोर दिया. उन्होंने देश के 14 राज्यों से आईं महिला बास्केटबॉल खिलाड़ियों का गुरु गोरखनाथ की धरती पर स्वागत और अभिनंदन किया.
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने गुब्बारे उड़ाकर और बास्केटबॉल कोर्ट में गेंद उछालकर प्रतियोगिता का उद्घाटन किया. उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और मैच का पहला हाफ देखकर तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया.
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि खेलों से राष्ट्रीय चेतना मजबूत होती है और यह आयोजन सांस्कृतिक समन्वय व राष्ट्रीय एकता का सशक्त मंच है. कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, विश्वविद्यालय के अधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.
