पटना: आपदा प्रभावित लोगों को त्वरित राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए राज्य के 20 जिलों में जल्द ही जिला आपातकालीन प्रतिक्रिया सुविधा-सह-प्रशिक्षण केंद्र (ईआरएफ-टीसी) का निर्माण किया जाएगा.
पहले चरण में चिन्हित 18 में से 17 जिलों में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि पटना में कार्य प्रगति पर है.
बुधवार को सूचना भवन में प्रेस वार्ता के दौरान आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव मोहम्मद नदीमुल गफ्फार सिद्दीकी ने बताया कि इन केंद्रों पर एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं, जो आपदा की स्थिति में त्वरित राहत और बचाव कार्य करेंगी तथा लोगों को प्रशिक्षण भी देंगी. उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को अब छह हजार की जगह सात हजार रुपये की आनुग्राहिक राहत दी जा रही है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 9.71 लाख से अधिक परिवारों को 680.17 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है.
संयुक्त सचिव ने बताया कि शीतलहर से बचाव के लिए राज्य भर में 130 रैन बसेरे स्थापित किए गए, जहां 38 हजार से अधिक लोगों को आश्रय मिला और करीब 80 हजार जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए गए. विभाग की तैयारियों के चलते इस वर्ष ठंड से मौत का कोई मामला सामने नहीं आया है.
