नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को गांव गली तक नई पहचान देने के लिए संस्कृति विभाग ने उत्तर प्रदेश पर्व हमारी संस्कृति-हमारी पहचान के तहत संस्कृति उत्सव 2025-26 की घोषणा की है. इस उत्सव के जरिए शास्त्रीय और उपशास्त्रीय संगीत, लोक गायन, लोक नाट्य, नृत्य, वादन और काव्य-पाठ में दक्ष कलाकारों को मंच दिया जाएगा. अब तक पहचान से दूर रहे गांव और छोटे शहरों के कलाकारों को मुख्यधारा में लाने की तैयारी है.
प्रतियोगिताएं चार चरणों में होंगी, जिनकी शुरुआत गांव और पंचायत स्तर से होगी और समापन लखनऊ में उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर होगा. ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य रहेगा, जबकि ऑफलाइन ऑन-द-स्पॉट विकल्प भी उपलब्ध होगा.
संस्कृति विभाग कंट्रोल रूम स्थापित करेगा, जहां से आयोजन का संचालन और रोजाना बुलेटिन जारी होगा. नियमों के तहत एक प्रतिभागी एक ही विधा में भाग ले सकेगा. चयनित कलाकारों को पुरस्कार, सम्मान और प्रस्तुति का अवसर मिलेगा.
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