लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पश्चिम एशिया में बने हालात का असर ईंधन, खाद्य और उर्वरक आपूर्ति पर पड़ सकता है, इसलिए हर नागरिक को सामूहिक जिम्मेदारी निभानी होगी. उन्होंने लोगों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट, कार पूलिंग, मेट्रो, इलेक्ट्रिक व्हीकल और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे विकल्प अपनाने की अपील की.
सीएम योगी गुरुवार को लखनऊ में टाइम्स ऑफ इंडिया के “9 डिफाइनिंग इयर्स ऑफ ट्रांसफॉर्मिंग यूपी” कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि संकट के समय देशहित सर्वोपरि होना चाहिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को गंभीरता से समझना चाहिए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में अराजकता, भ्रष्टाचार और माफिया राज का माहौल था, लेकिन अब प्रदेश विकास की नई पहचान बना चुका है. उन्होंने कहा कि आज यूपी में सभी 75 जिलों और 58 हजार ग्राम पंचायतों में समान विकास हो रहा है.
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब “बीमारू राज्य” नहीं, बल्कि भारत की विकास यात्रा का इंजन बन चुका है. एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, एमएसएमई, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में प्रदेश ने बड़ी प्रगति की है.
सीएम योगी ने दावा किया कि आज प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा बेहतर हुई है और युवा यूपी में ही रोजगार पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के चलते अपराध और भ्रष्टाचार पर सख्ती से कार्रवाई हो रही है.