नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ ने शिक्षा प्रशासन में प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग के जरिए सुशासन का एक मजबूत और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया है. आईआईटी भिलाई इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन ने राज्य के विद्या समीक्षा केंद्र को शिक्षा क्षेत्र में तकनीक-संचालित सुशासन का प्रमुख उदाहरण बताया है.
विद्या समीक्षा केंद्र, स्कूल शिक्षा विभाग की एक अभिनव डिजिटल पहल है, जो डेटा-आधारित निर्णय प्रक्रिया को संस्थागत रूप देती है. छत्तीसगढ़ में 48,500 से अधिक शासकीय विद्यालयों, 39 लाख विद्यार्थियों और करीब 1.8 लाख शिक्षकों से जुड़े इस तंत्र की रियल-टाइम निगरानी अब संभव हो पाई है.
केंद्र में UDISE, HRMIS, पीएम पोषण, APAAR ID, आधार और जीआईएस मैपिंग जैसे डेटाबेस का एकीकृत उपयोग किया जा रहा है. एआई आधारित एनालिटिक्स से ड्रॉपआउट और अधिगम अंतराल की पहचान हो रही है. बारकोड आधारित पुस्तक ट्रैकिंग से लगभग 50 करोड़ रुपये की बचत संभव हुई है. आईबीआईटीएफ ने इसे डेटा-आधारित शिक्षा सुधार और नागरिक-केंद्रित सुशासन का राष्ट्रीय मानक बताया है.
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