लखनऊ: योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बुंदेलखंड क्षेत्र में दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रस्ताव मंजूर किया गया.
इस निर्णय के तहत बुंदेलखंड पैकेज के अंतर्गत बांदा जिले में 20 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता के नए डेयरी प्लांट की स्थापना की जाएगी. साथ ही झांसी में पहले से मौजूद 10 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले डेयरी प्लांट का विस्तार कर उसकी क्षमता 30 हजार लीटर प्रतिदिन तक बढ़ाई जाएगी.
इन परियोजनाओं के सिविल और मैकेनिकल कार्य टर्न-की आधार पर कराने के लिए इंडियन डेयरी मशीनरी कंपनी लिमिटेड को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है. कैबिनेट ने कंपनी को नियमानुसार सेंटेज चार्ज देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है, जिसका खर्च राज्य सरकार अपने स्रोतों से वहन करेगी.
सरकार के अनुसार यूपी देश का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य है और यहां दुग्ध उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है. ऐसे में बुंदेलखंड क्षेत्र में डेयरी प्रसंस्करण क्षमता बढ़ने से दुग्ध उत्पादकों को बेहतर बाजार मूल्य मिल सकेगा.
इन परियोजनाओं से दूध खराब होने की समस्या कम होगी, किसानों की आय बढ़ेगी और क्षेत्र में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.
इसी बैठक में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस निर्माण इकाई स्थापित करने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई.
इसके तहत टीआई मेडिकल्स प्राइवेट लिमिटेड को भूमि सब्सिडी प्रदान करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है. कंपनी गौतमबुद्ध नगर जिले में मेडिकल डिवाइस पार्क क्षेत्र की 4.48 हेक्टेयर भूमि पर करीब 215.20 करोड़ रुपये के निवेश से चिकित्सा उपकरण निर्माण इकाई स्थापित करेगी.
यह परियोजना उत्तर प्रदेश की एफडीआई, एफसीआई और फॉर्च्यून इंडिया-500 निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 के तहत प्रस्तावित है.
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार कंपनी को अनुमन्य सब्सिडी के तहत 14.77 करोड़ रुपये की राशि प्रतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी. यह राशि केंद्र सरकार की मेडिकल डिवाइस पार्क योजना के तहत पहले से प्राप्त सब्सिडी को समायोजित करने के बाद प्रदान की जाएगी.
सरकार का मानना है कि इस निवेश से प्रदेश में मेडिकल डिवाइस निर्माण क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा, औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे.
