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Friday, 4 April, 2025
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‘संविधान पर हमलों का विरोध करते रहेंगे’: कांग्रेस वक्फ संशोधन विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में देगी चुनौती

संसद ने शुक्रवार तड़के एक मैराथन और गर्मागर्म बहस के बाद वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पारित कर दिया.

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नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद और पार्टी के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने शुक्रवार को घोषणा की कि पार्टी संसद में शुक्रवार तड़के पारित किए गए वक्फ संशोधन विधेयक की “संवैधानिकता” को जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी।.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, कांग्रेस नेता ने पार्टी की चल रही कानूनी कार्रवाइयों की रूपरेखा बताते हुए कहा कि पार्टी पहले से ही कई कानूनों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रही है, जिनमें 2019 का नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), 2005 के सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम में संशोधन और 2024 के निर्वाचन नियमों में संशोधन शामिल हैं. इसके अलावा, पार्टी पूजा स्थल अधिनियम, 1991 को बनाए रखने के लिए अदालत में हस्तक्षेप कर रही है.

रमेश ने लिखा, “सीएए, 2019 को लेकर कांग्रेस की चुनौती सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के अधीन है. सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 में 2019 के संशोधनों को लेकर कांग्रेस की चुनौती सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के अधीन है. निर्वाचन नियमों (2024) में संशोधनों की वैधता को लेकर कांग्रेस की चुनौती सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के अधीन है. पूजा स्थलों के अधिनियम, 1991 की भावना और प्रावधानों को बनाए रखने के लिए आईएनसी का हस्तक्षेप सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के अधीन है. कांग्रेस बहुत जल्द वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 की संवैधानिकता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा.”

उन्होंने पार्टी की कानूनी चुनौतियों पर विश्वास व्यक्त करते हुए आगे कहा कि कांग्रेस मोदी सरकार की उन सभी कार्रवाइयों का विरोध करती रहेगी जिन्हें वह भारत के संविधान में निहित सिद्धांतों पर हमला मानती है.

“हम आश्वस्त हैं और संविधान में निहित सिद्धांतों, प्रावधानों और प्रथाओं पर मोदी सरकार के सभी हमलों का विरोध करते रहेंगे,” कांग्रेस नेता ने कहा.

संसद ने शुक्रवार तड़के एक मैराथन और गर्मागर्म बहस के बाद वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पारित कर दिया.

राज्यसभा ने कानून पारित करने के लिए आधी रात के बाद तक बैठक की. सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा, “पक्ष में 128 और विपक्ष में 95, अनुपस्थित शून्य. विधेयक पारित हुआ.”

लोकसभा, जिसने बुधवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक पर चर्चा शुरू की थी, ने इसे आधी रात के बाद एक मैराथन बहस के बाद पारित किया.

सरकार ने पिछले साल अगस्त में पेश किए गए कानून की जांच करने वाली संयुक्त संसदीय समिति की सिफारिशों को शामिल करने के बाद संशोधित विधेयक पेश किया. यह विधेयक 1995 के अधिनियम में संशोधन और भारत में वक्फ संपत्तियों के प्रशासन और प्रबंधन को बेहतर बनाने की कोशिश करता है.

यह विधेयक पुराने कानून की कमियों को ठीक करने, वक्फ बोर्डों को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करने, पंजीकरण की प्रक्रिया को आसान बनाने और वक्फ की जानकारी को तकनीक की मदद से ठीक से संभालने का काम करेगा.


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