मुंबई: महाराष्ट्र में गत जून में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना में बगावत की खबर फैली और इसके साथ ही तमाम प्रमुख टीवी चैनलों पर एकनाथ शिंदे का चेहरा सुर्खियों में छाया रहने लगा. इस घटना ने पुणे में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के एक मामूली से स्थानीय कार्यकर्ता का जीवन पूरी तरह बदलकर रख दिया.
शिंदे के सुर्खियों में छाते ही 37 वर्षीय विजय माने भी रातों-रात ख्यात हो गए, क्योंकि घनी दाढ़ी और माथे पर लाल टीके के साथ उनकी शक्ल हू-ब-हू शिंदे की तरह ही नजर आती थी. और फिर जब शिंदे ने 30 जून को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली तब तो माने जहां भी दिखते लोग उन्हें साथ में तस्वीर खिंचाने के लिए रोक लेते, और उनके घर के बाहर भी भीड़ जुटी रहती.
हालांकि, पुणे जिले की हवेली तालुका इकाई के भाजयुमो महासचिव माने को इस तरह लाइमलाइट में आना पहले जहां काफी आनंदित करता था, वहीं अब यही सब उनके लिए परेशानी का सबब बन गया है. पुणे पुलिस ने कथित तौर पर एक गैंगस्टर के साथ तस्वीर खिंचाने और उसे सोशल मीडिया पर व्यापक तौर पर साझा करने को लेकर सोमवार को माने के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की, जिसमें कहा गया है कि उन्होंने ऐसा करके सीएम शिंदे की छवि को चोट पहुंचाई है.
माने के खिलाफ कथित तौर पर धारा 419 (कोई भेष बनाकर धोखा देना), 469 (जालसाजी), 500 (मानहानि), धारा 501 (किसी छपी या अन्य सामग्री के जरिये मानहानि) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.
पुणे के बंडगार्डन पुलिस स्टेशन, जहां एफआईआर दर्ज हुई है, के एक पुलिसकर्मी ने कहा, ‘पुणे क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही है. मुख्यत: यही आरोप है कि उन्होंने गैंगस्टर के तौर पर जाने जाने वाले एक व्यक्ति के साथ तस्वीर खिंचाकर सीएम की छवि को चोट पहुंचाई है.
बहरहाल, माने ने इस तरह के आरोपों का खंडन किया है. उन्होंने कहा, ‘मैं अहमदनगर जिले में एक कार्यक्रम के लिए गया था. सबने सोचा कि शायद सीएम आ गए हैं और मेरे लिए रास्ता बना दिया. मैं एक स्थानीय पुलिस स्टेशन के अंदर गया और सामान्य बातचीत के लिए वहां बैठ गया. वहां काफी बड़ी भीड़ थी और मुझे नहीं पता था कि मेरे बगल में कौन था. किसी ने तस्वीर क्लिक कर ली होगी और उसे वायरल कर दिया होगा.’
उन्होंने कहा, ‘लेकिन पुलिस कह रही है कि मैंने तस्वीर क्लिक की और इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया.’
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शिंदे के हमशक्ल
बिल्डरों और निर्माण कंपनियों के लिए स्थानीय स्तर पर एक सब-कांट्रैक्टर के रूप में काम करने वाले माने बताते हैं कि वह पिछले 7-8 सालों से दाढ़ी रखते आ रहे हैं, हर दिन माथे पर टीका लगाते हैं, और चश्मा पहनना तो उन्होंने तभी शुरू कर दिया था जब स्कूल में पढ़ते थे.
माने ने कहा, ‘मैं पुणे म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा हूं, इसलिए सफेद कपड़े भी पहनने लगा हूं, जो किसी भी राजनेता की एक पहचान हैं. इसकी वजह से मैं काफी हद तक सीएम की तरह ही नजर आने लगा.’ साथ ही जोड़ा कि उन्हें गलती से शिंदे समझकर कई लोगों ने तो अपने काम कराने के लिए पत्र और आवेदन तक देने शुरू कर दिए.
हालांकि, स्थानीय स्तर पर लोग उन्हें शिंदे के हमशक्ल के तौर पर जानते थे लेकिन इस रूप में उन्हें ख्याति तब मिली जब 1 अगस्त को वह लेखक और समाज सुधारक एनाबाऊ साठे की जयंती के मौके पर पुणे के स्वारगेट क्षेत्र में एक कार्यक्रम में शामिल हुए.
माने ने दिप्रिंट को बताया, ‘वहां मौजूद न्यूज मीडिया ने मुझे फेमस कर दिया. मैं उसके बाद तीन-चार बार सीएम शिंदे साहब से भी मिला. उनके पीए ने भी मेरे साथ एक तस्वीर क्लिक की क्योंकि मैं सीएम साहब की तरह दिखता हूं.’
उन्होंने आगे कहा, ‘उसके बाद, लोग मुझे अपने निजी कार्यक्रमों, गणेश आरती आदि के लिए फोन करने लगे. मुझे भी लगा कि इस तरह सुर्खियों में रहना अच्छा है क्योंकि मैं अधिक सामाजिक कार्य कर पाऊंगा, और फिर मैं चुनाव की तैयारी भी कर रहा हूं.’
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‘मैं शिंदे जैसा दिखता हूं, लेकिन मेरे जैसे कई और लोग भी हैं’
एमबीए डिग्री के साथ एक इंजीनियर माने ने पिछले महीने तक इस पर खास ध्यान नहीं दिया, जब शिंदे के एक हमशक्ल का सड़कों पर डांस करते एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. माने पुरजोर ढंग से कहते हैं कि वीडियो में डांस करता नजर आ रहा व्यक्ति वह नहीं कोई और ही है.
उन्होंने कहा, ‘अंततः मुझे पता चला कि शिंदे साहब के कई डुप्लीकेट हैं. एक सांगली में है, एक पंढरपुर में. लेकिन इन सबमें में मैं शायद सबसे ज्यादा फेमस हूं, इसलिए सबने यह मान लिया कि यह मैं ही होऊंगा.’ साथ ही जोड़ा, ‘मैं जब शिंदे साहब से मिला तब मैंने उनको भी बताया था कि वह मैं नहीं था.’
माने का कहना है, तबसे वह जानबूझकर ही ऐसी कोशिशें कर रहे हैं कि बहुत ज्यादा शिंदे की तरह नजर न आएं. उन्होंने अपनी दाढ़ी का आकार बदल लिया है और राजनेताओं की पहचान सफेद सफारी सूट से दूरी बनाकर और अधिक रंगीन कपड़े पहनने लगे हैं.
उन्होंने कहा, ‘हालांकि, लोग अभी भी कहते हैं कि मैं शिंदे साहब की तरह दिखता हूं. मैंने वकीलों से भी सलाह ली है, लेकिन उनका कहना है कि मुझे खुद को बहुत बदलना नहीं चाहिए. मुझे इसकी पूरी आजादी है कि मैं कैसा दिखूं और वैसे ही कपड़े पहनूं जो मुझे पसंद हैं.’
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