Saturday, 21 May, 2022
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जम्मू कश्मीर में प्रमुख नेता नजरबंद, मोबाइल इंटरनेट सेवा ठप, आज कैबिनेट की बैठक

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और गृह मंत्री अमित शाह पीएम मोदी के आवास पर पहुंच चुके हैं. जल्द ही बैठक शुरू होगी.

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नई दिल्ली : जम्मू कश्मीर में कई दिनों से चली आ रही सैन्य और राजनीतिक हलचल के बीच राज्य के प्रमुख नेताओं को नजरबंद कर दिया गया है. सोमवार को राज्य के हालात को लेकर कैबिनेट मीटिंग होने वाली है. इसको लेकर होने वाली बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और गृह मंत्री अमित शाह पीएम मोदी के आवास पर पहुंच चुके हैं. जल्द ही बैठक शुरू होगी.

गृहमंत्री अमित शाह राज्यसभा में 11 बजे और 12 बजे लोकसभा में जवाब देंगे.

कैबिनेट मीटिंग में पीएम मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण, गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल शामिल होंगे.

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पीडीपी नेता ने कश्मीर के हालात में राज्यसभा परिसर में पोस्टर के साथ विरोध शुरू किया.

राजद सांसद मनोज झा ने 267 के तहत कश्मीर मसले पर चर्चा का नोटिस दिया.

राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव

कांग्रेस के सांसद गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, अंबिका सोनी और भुवनेश्वर कलिता ने कश्मीर मुद्दे पर राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव दिया है.

धारा 144 लागू, महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला नजरबंद

सैन्य हलचल, एडवाइजरी, आशंकाओं के बीच आखिरकार श्रीनगर में धारा 144 लागू हो गई है. राज्य की पूर्व सीएम और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और एनसी नेता उमर अब्दुल्ला को श्रीनगर में नजरबंद किया गया है.

जम्मू जिले की उपायुक्त सुषमा चौहान ने कहा है कि 5 अगस्त सुबह 6 बजे से धारा 144 लागू होगी जो अगले आदेश तक जारी रहेगी. धारा 144 लगने के बाद चार से अधिक व्यक्ति एक जगह इकट्ठा नहीं हो सकते.

मोबाइल इंटरनेट और स्कूल बंद

वहीं मोबाइल इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई है. श्रीनगर में राज्यपाल सत्यपाल मलिक के घर आपात बैठक हो रही है. बैठक में जम्मू और कश्मीर के डीजीपी भी मौजूद हैं. वहीं जम्मू में भी हलचल तेज हो गई है. रैपिड एक्शन फोर्स समेत 30 हजार अतिरिक्त जवान को तैनात किया गया है.

इसके अलावा राज्य के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को एहतियात के तौर पर बंद रखने का निर्देश है. साथ ही, जिले के सभी स्कूल बंद रहेंगे.

इमरजेंसी बैठक में राज्यपाल को राज्य के हालात की जानकारी दी गयी, उन्हें बताया गया कि मोबाइल इंटरनेट के बाद अब ब्रॉडबैंड इंटरनेट भी बंद कर दिया गया है. सभी प्रमुख नेता नज़रबंद कर दिए गए हैं. घाटी में फिलहाल शांति बनी हुई है.

कश्मीर मसले पर पाक की यूएनएससी से अपील, शाह ने की सुरक्षा बैठक

पाकिस्तान ने रविवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) से कश्मीर मसले पर हस्तक्षेप करने की अपील की. उधर, गृहमंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में सुरक्षा को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत द्वारा नियंत्रण रेखा (एलओसी) के समीप नागरिकों पर क्लस्टर बम का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए यूएनएससी से इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की. वहीं, पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने इस मसले को ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक को-ऑपरेशन (ओआईसी) के पास उठाया.

हालांकि भारत ने एलओसी के समीप नागरिकों पर क्लस्टर बम का इस्तेमाल किए जाने के आरोपों से का मजबूती के साथ खंडन किया है.

इस्लामाबाद में इमरान खान नें राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए भारत पर एलओसी के पास नागरिकों पर क्लस्टर बम का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की. खान ने यह कदम तब उठाया है जब इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति फिर कश्मीर मसले पर मध्यस्थता करने की बात दोहराई जिसे भारत से ठुकरा दिया है.

एनएससी की बैठक में खान के अलावा रक्षामंत्री परवेज खाटक, विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी, सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा और अन्य शीर्ष स्तर के अधिकारी मौजूद थे.

ट्रंप की पेशकश का हवाला देते हुए इमरान ने लगातार ट्वीट करते हुए कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप ने कश्मीर मसले पर मध्यस्थता करने की पेशकश की है. यह ऐसा करने का वक्त है क्योंकि भारत की ओर से की जा रही आक्रमक कार्रवाई से वहां और एलओसी पर हालात खराब है.’

उधर, जम्मू-कश्मीर में बढ़ते तनाव और आतंकी खतरों के संबंध में खुफिया रिपोर्ट मिलने के बाद पर्यटकों व तीर्थयात्रियों को प्रदेश की अपनी यात्रा समाप्त किए जाने के सरकार द्वारा निर्देश दिए जाने के बाद गृहमंत्री अमित ने रविवार को नई दिल्ली में सुरक्षा को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की और प्रदेश के हालात का जायजा लिया.

भारत ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि कश्मीर मसले पर अगर कोई बात होगी तो सिर्फ पाकिस्तान के साथ और वह द्विपक्षीय वार्ता होगी.

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