Monday, 23 May, 2022
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राजस्थान का राजनीतिक संकट टला, गहलोत सरकार ने जीता विश्वास मत

राजस्थान विधानसभा सत्र के बाद सचिन पायलट ने कहा, 'पहले मैं सरकार का हिस्सा था आज नहीं हूं लेकिन यहां पर कौन कहां बैठता है ये महत्वपूर्ण नहीं है लोगों के दिल और दिमाग में क्या है ये ज्यादा महत्वपूर्ण है. आखिरी सांस तक प्रदेश के लिए समर्पित हूं.'

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नई दिल्ली: महीनों से चल रह रही राजस्थान का सियासी उठापठक का अंत होता दिख रहा है. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने राज्य विधानसभा में विश्वास मत जीत लिया है. सदन ने सरकार द्वारा लाए गए विश्वास मत प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया.

बता दें कि राजस्थान में आज से विधानसभा सत्र शुरू हुआ तो सीएम अशोक गहलोत ने सदन में विश्वास मत पेश किया था.

राजस्थान विधानसभा सत्र के बाद सचिन पायलट ने कहा कि पहले मैं सरकार का हिस्सा था आज नहीं हूं लेकिन यहां पर कौन कहां बैठता है ये महत्वपूर्ण नहीं है लोगों के दिल और दिमाग में क्या है ये ज्यादा महत्वपूर्ण है…जीवन की आखिरी सांस तक मैं इस प्रदेश के लिए समर्पित हूं

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पायलट ने कहा आज सदन के अंदर विश्वास मत को बहुमत से पारित किया गया जो अटकलें लगाई जा रही थीं उन्हें विराम मिला है.

वहीं कांग्रेस नेता और प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इस लड़ाई को अंग्रेजों से हासिल की गई आजादी की लड़ाई से जोड़ा है. उन्होंने कहा कि आईएनसी (INC), करोड़ों भारतीयों ने गोरे अंग्रेजों से लड़कर विजय पाई. हम संकल्प बद्ध हैं प्रजातंत्र, बहुमत और देश के संविधान पर हमला करने वाले मोदी सरकार में बैठे काले अंग्रेजों से भी जीतकर प्रजातंत्र और संविधान की रक्षा करने के लिए.

गहलोत ने जड़ा मोदी-शाह पर आरोप

इससे पहले प्रस्ताव पर अपना जवाब देते हुए गहलोत ने विपक्ष द्वारा लगाए गए तमाम आरोपों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, ‘तमाम आरोपों को मैं अस्वीकार करता हूं… कोरोना वायरस महामारी की स्थिति से निपटने में राजस्थान की सराहना देश-दुनिया ने की है.’

गहलोत ने आरोप लगाया, ‘भाजपा व केंद्र की सरकार ने उनकी सरकार को गिराने का षड्यंत्र रचा लेकिन कांग्रेस के कुनबे में फूट डालने के उनके सपने कभी पूरे नहीं होंगे.’

विपक्षी भाजपा की ओर इशारा करते हुए गहलोत ने कहा, ‘आपके आलाकमान ने तय कर रखा है कि राजस्थान सरकार को गिरा के रहेंगे और मैंने तय कर रखा है किसी भी कीमत पर गिरने नहीं दूंगा.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में दो लोग ही राज कर रहे हैं. गहलोत ने कहा, ‘देश में लोकतंत्र खतरे में है जिसकी चिंता हम सभी को होनी चाहिए.’

प्रस्ताव पर बहस के दौरान विपक्षी नेताओं द्वारा कई बार मुख्यमंत्री और सचिन पायलट के बीच चली खींचतान पर कटाक्ष किए जाने का जिक्र करते हुए गहलोत ने इसे पार्टी का अंदरूनी मामला बताया. उन्होंने कहा, ‘भाजपा वाले कौन होते हैं हमारी पार्टी के बारे में बोलने वाले. ये हमारी पार्टी का अंदरूनी मामला है.’

विधायकों के फोन टैप के आरोपों को खारिज करते हुए गहलोत ने कहा, ‘हमारे यहां कोई फोन टैप नहीं होता. मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं.’

मुख्यमंत्री के जवाब के बाद सदन ने सरकार के विश्वास मत प्रस्ताव को ध्वनिमत से स्वीकार कर लिया.

विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने सदन द्वारा मंत्रिपरिषद में विश्वास व्यक्त करने का प्रस्ताव स्वीकार किए जाने की घोषणा की. इसके बाद सदन की कार्रवाई 21 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी गयी.

इससे पहले संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने सरकार की ओर से विश्वास मत प्रस्ताव पेश किया और कहा कि राजस्थान में ‘न किसी शाह की चलती है न तानाशाह की.’

सदन में अपनी सीट बदले जाने पर सचिन पायलट बोले, ‘सबसे मजबूत योद्धा को सरहद पर भेजा जाता है’

वहीं इससे पहले राजस्थान में बगावती तेवर अपनाने वाले कांग्रेस के पूर्व उपमुख्यमंत्री रहे सचिन पायलट शुक्रवार को सदन में अपनी सीट बदले जाने पर जोरदार बातें कहीं और खुद को मजबूत योद्धा बताया.

सचिन पायलट ने सदन में प्रवेश करते हुए कहा, ‘सदन में आज जब पौने 11 आया तो मेरी सीट बदली थी. दूसरी तरफ बैठता था तो सीट सुरक्षित थी, सरकार का हिस्सा था. इस देखने के बाद सोचा अध्यक्ष ने, पार्टी चीफ ने मेरी सीट यहां क्यों कर दी. दो मिनट बाद सोचा यह सरहद है. एक तरफ पक्ष है दूसरी तरफ विपक्ष. सरहद पर सबसे मजबूत योद्धा को भेजा जाता है.’

उन्होंने आगे कहा कि जो कुछ कहना था, सुनना था- हमें जिस डॉक्टर से मर्ज बताना था, बता दिया. इलाज कराने के बाद सदन में हम सभी सवा सौ लोग खड़े हैं. सारी बात खत्म करके जब सदन में प्रवेश किया तो यहां कहने, सुनने वाली बातों को छड़कर वास्तविकता पर ध्यान देना होगा. इस सरहद पर चाहे जितनी गोलाबारी हो, हम सभी कवच, ढाल गदा और भाला बनकर इसे सुरक्षित रखेंगे.

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