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Friday, 10 April, 2026
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दिखावा बनाम पहुंच: संभल SSP की भव्य शादी में शामिल होने पर SP नेताओं से क्यों नाराज़ हैं अखिलेश

सपा प्रमुख ने नाराज़गी को 2024 में संभल में पुलिस-जनता झड़प के दौरान एसएसपी की कथित ‘पक्षपाती भूमिका’ से जोड़ा. पार्टी के निर्देश के बावजूद कुछ सपा नेता जोधपुर की शादी में शामिल हुए.

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लखनऊ: संभल के एसएसपी के. के. बिश्नोई की जोधपुर में हुई हाई-प्रोफाइल शादी सोशल मीडिया की चर्चा से आगे बढ़कर अब एक राजनीतिक विवाद बन गई है, जिससे समाजवादी पार्टी (सपा) के अंदर मतभेद सामने आ गए हैं.

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस कार्यक्रम में पार्टी नेताओं की मौजूदगी पर नाराज़गी जताई. उन्होंने अपनी आपत्ति को नवंबर 2024 में हुई हिंसा के दौरान संभल के एसएसपी की कथित ‘पक्षपाती भूमिका’ से जोड़ा. यह घटना शाही जामा मस्जिद के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) सर्वे को लेकर हुई पुलिस-जनता झड़प में हुई थी, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी.

यादव ने कहा, “उन्हें वहां नहीं जाना चाहिए था. हम इस बारे में उनसे बात करेंगे. ऐसे कार्यक्रम (शादी) से बचना चाहिए था.”

उनकी टिप्पणी के बाद, खबर है कि पार्टी के अंदर उन नेताओं के खिलाफ नाराज़गी बढ़ गई है जो आईपीएस अधिकारी की शादी में शामिल हुए थे. पार्टी के सूत्रों के अनुसार, सपा विधायक इकबाल महमूद, पिंकी यादव और राम खिलाडी यादव उन लोगों में शामिल थे जो जश्न में मौजूद थे. उनके साथ संभल जिले के कई स्थानीय कार्यकर्ता भी थे.

समाजवादी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने पार्टी के रुख का बचाव किया और इसे सीधे संभल हिंसा और स्थानीय पुलिस प्रशासन की भूमिका से जोड़ा.

नेता ने कहा, “जब संभल हिंसा हुई थी, तब हमारे नेतृत्व ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए थे. बिश्नोई वहां पुलिस यूनिट के प्रमुख थे और पक्षपात को लेकर चिंता थी. यह हिंदू-मुस्लिम टकराव नहीं था, बल्कि पुलिस और स्थानीय अल्पसंख्यकों के बीच टकराव था.”

उन्होंने कहा कि सपा नेताओं का शादी में जाना गलत संदेश दे सकता है. “एसएसपी को योगी आदित्यनाथ के करीबी के रूप में देखा जाता है. अगर हमारे विधायक उनकी शादी में जाते हैं, तो इससे स्थानीय मुस्लिम समुदाय में सकारात्मक संदेश नहीं जाएगा. उन्हें इस कार्यक्रम से बचना चाहिए था. पार्टी ने पहले मौखिक निर्देश भी दिए थे कि शामिल न हों.”

दूसरी ओर, शादी में शामिल हुए सपा विधायक इकबाल महमूद ने दिप्रिंट से बात करते हुए अपने फैसले का बचाव किया.

महमूद ने कहा, “हां, मौखिक निर्देश थे कि शामिल न हों, लेकिन हम स्थानीय विधायक हैं, हम रोज़ जनता से जुड़े रहते हैं. लोगों के काम के लिए हम अक्सर एसएसपी के दफ्तर जाते हैं और अधिकारियों से मिलते हैं. ऐसी स्थिति में उनके निमंत्रण को कैसे नज़रअंदाज़ कर सकते हैं?”

उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि वह पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को समझा पाएंगे. “मैं अखिलेश जी से कहूंगा, ‘हमारी मजबूरी समझिए, हमें वहीं रहना है और जनता का काम कराना है.’ SSP कोई भी हो, हम पद का सम्मान करते हैं. मुझे उम्मीद है कि मैं उन्हें समझा पाऊंगा.”

भव्य शादी

यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी के. के. बिश्नोई और अंशिका वर्मा की जोधपुर में हुई भव्य शादी ने सोशल मीडिया पर काफी ध्यान खींचा. कार्यक्रम के वीडियो लगातार वायरल होते रहे. पारंपरिक रस्मों से लेकर खास तौर पर बनाए गए रील, मंच पर किए गए पलों और कपल के डांस तक, यह कार्यक्रम जल्दी ही ऑनलाइन चर्चा का विषय बन गया.

पिछले हफ्ते हुई इस हाई-प्रोफाइल शादी में कई आईपीएस अधिकारी, राजनीतिक नेता और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शामिल हुए, जिससे इसकी ऑनलाइन चर्चा और बढ़ गई.

2018 बैच के आईपीएस बिश्नोई को योगी आदित्यनाथ के करीबी माना जाता है. संभल में पोस्टिंग से पहले वह गोरखपुर में भी तैनात रह चुके हैं.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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