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Friday, 19 July, 2024
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नीतीश अकेले राजनेता नहीं, पहले भी कई बड़े नेता महिलाओं को लेकर दे चुके हैं विवादित बयान— लिस्ट लंबी है

विधानसभा में नीतीश कुमार द्वारा परिवार नियोजन पर दिए गए बयान को लेकर चारों ओर हंगामा मचा हुआ है. हालांकि, नीतीश ने अपने कहे को लेकर माफी मांग ली है, लेकिन महिलाओं को लेकर विवादित बयान देने वाले नीतीश पहले राजनेता नहीं हैं.

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नई दिल्ली: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चर्चा अभी चारों ओर हो रही है. बिहार विधानसभा में नीतीश कुमार के द्वारा जनसंख्या नियंत्रण पर दिए गए बयान के बाद से ही देश की राजनीतिक गलियारों में हंगामा मचा हुआ है. बिहार में विपक्षी और केंद्र की सत्ता पर काबिज बीजेपी और उनके नेता नीतीश कुमार पर हमलावर हैं. कोई नीतीश को अपने पद से इस्तीफा देने की मांग कर रहा है तो कोई माफी मांगने की. कोई कह रहा है कि बोलते वक्त उनकी जीभ निकाल लेनी चाहिए तो कोई कह रहा है कि वो रात को गंदी फिल्म देखकर सोते हैं. प्रधानमंत्री मोदी से लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित केंद्र सरकार के कई मंत्रियों और सांसदों ने नीतीश के बयान की निंदा की और इसे महिलाओं के लिए अपमानजनक बताया है.

लेकिन कुछ नेताओं ने नीतीश का समर्थन भी दिखाया है और कहा कि नीतीश कुमार के बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है. बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को अपना समर्थन दिखाया है.

हालांकि बाद में मामले को तूल पकड़ता देख नीतीश ने अपने बयान को लेकर सार्वजनिक तौर पर माफी मांग ली है और कहा कि वह अपना बयान वापस लेते हैं.

बता दें कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनसंख्या नियंत्रण पर बोलते हुए कहा था, “अगर पढ़ लेगी लड़की, और वो जब शादी होगी लड़का-लड़की में, तो जो पुरुष है, वो तो रोज़ रात को…उसके साथ करता है ना, तो उसमें और पैदा हो जाता है, और लड़की पढ़ लेती है, तो हमको मालूम था, कि वो करेगा ठीक है, लेकिन अंतिम में भीतर मत घुसाओ, उसको बाहर कर दो…और करता तो है…तो उसी में, आप समझ लीजिये, संख्या घट रही है.” इसके बाद नीतीश ने विधान परिषद में भी यही बातें दोहराई.

पहले भी राजनेता दे चुके हैं विवादित बयान

विधानसभा में नीतीश कुमार द्वारा की गई टिप्पणी के बाद चारों ओर इस वक्त सुर्खियों में रहने वाले बिहार के CM देश के पहले राजनेता नहीं है जिन्होंने आपत्तिजनक और विवादित बयान देकर सुर्खियां बटोरी हैं. इससे पहले देश के प्रधानमंत्री और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से लेकर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित तक के बयानों ने सुर्खियां बटोरी हैं.

साल 2012 में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कांग्रेस नेता शशि थरूर पर की गई टिप्पणी ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं. मोदी ने उस वक्त एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि ‘वाह क्या गर्लफ्रेंड हैं. आपने कभी देखा है 50 करोड़ की गर्लफ्रेंड को.’

मोदी ने उस वक्त रैली को संबोधित करते हुए कहा था, “एक कांग्रेस नेता हैं जो पहले मंत्री थे. उनपर क्रिकेट के माध्यम से संपत्ति बनाने का आरोप था. उन्होंने संसद में कहा था कि महिला के नाम पर 50 करोड़ रुपए से उनका कोई लेना देना नहीं है.”

हालांकि, मोदी ने अपने संबोधन में थरूर का सीधे तौर पर नाम नहीं लिया था, लेकिन उनके इस बयान का कांग्रेस नेताओं ने जमकर विरोध किया था.

बता दें कि थरूर को 2010 में आईपीएल क्रिकेट विवाद के चलते विदेश राज्य मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था.

साल 2014 में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और दिवंगत नेता मुलायम सिंह यादव के बयान ने भी सुर्खियां बटोरी थीं. मुरादाबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए नेताजी ने कहा था कि  ‘लड़कियां पहले दोस्ती करती हैं. लड़का-लड़की में मतभेद हो जाता है. लड़कियां मतभेद होने के बाद उसे रेप का नाम दे देती हैं. लड़कों से ग‌लतियां हो जाती हैं. क्या रेप केस में फांसी दी जाएगी?’

मुलायम सिंह ने आगे कहा था, “‘हमारी सरकार आएगी तो कानून बदलेंगे. ऐसे कानूनों को बदलने की कोशिश की जाएगी. जो कानून का दुरुपयोग करेगा उसे सजा दी जाएगी.”

साल 2014 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मुलायम सिंह के इस बयान के बाद उस वक्त चारों ओर हंगामा मच गया था.

साल 2013 में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने अपनी ही पार्टी की सांसद मीनाक्षी नटराजन को ‘100 टका टंच माल’ कहकर विवाद खड़ा कर दिया था. बाद में जब मामला बढ़ा तो दिग्विजय ने सफाई देते हुए कहा था कि ‘उनके कहने का मतलब खरा सोना था. मैं तो उनकी तारीफ कर रहा था.’

जेडीयू नेता और पूर्व मंत्री दिवंगत शरद यादव ने भी एक बार महिलाओं पर विवादित बयान देकर सुर्खियां बटोरी थीं. उन्होंने कहा था, “साउथ की महिला जितनी अधिक खूबसूरत होती होती उतनी उनकी बॉडी भी. वह पूरा देखने में काफी सुंदर लगती है.”

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव ने भी एक बार कहा था कि वह बिहार की सड़क को हेमा मालिनी की गाल की तरह बना देंगे. लालू के इस बयान को लेकर काफी विरोध हुआ था. उस वक्त उनके विरोधियों ने कहा था कि बिहार की सड़कें हेमा मालिनी के गाल की तरह नहीं ओम पूरी के गाल की तरह है.

बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने भी एक बार विवादित बयान देकर चारों ओर शोर मचा दिया था. साक्षी महाराज ने कहा था कि हिंदू महिलाओं को हिंदुत्व की रक्षा के लिए कम से कम चार बच्चे जरूर पैदा करने चाहिए.

सपा नेता आजम खान भी अपने बयानों को लेकर हमेशा चर्चा में रहते हैं. लेकिन साल 2019 के लोकसभा चुनाव के वक्त उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार जया प्रदा को लेकर एक विवादित बयान दिया था. आजम खान ने उस वक्त कहा था, “जिसे मैं रामपुर लेकर आया था, उसकी असलियत जानने में आप लोगों को 17 साल लगे. मैं 17 दिनों में ही जान गया था कि इनके नीचे का जो अंडरवियर है वह ख़ाकी रंग का है.”

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और दिवंगत नेता शीला दीक्षित ने भी एक बार कहा था कि लड़कियों को ज्यादा एडवेंजर्स नहीं होना चाहिए. उन्हें मर्यादित कपड़े पहनने चाहिए.

बीते दिनों बीजेपी नेता और मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी अपनी ही पार्टी की सांसद हेमा मालिनी को लेकर एक विवादित बयान देकर सुर्खियां बटोरी. मिश्रा ने अपने निर्वाचन क्षेत्र दतिया में लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि दतिया ने उड़ान भरी तो हेमा मालिनी को भी नचवा दिया गया.

इसके अलावा एक और बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि महिलाओं को ऐसा श्रृंगार करना चाहिए जिससे लोगों में श्रद्धा पैदा हो ना कि उत्तेजित. उन्होंने उस वक्त कहा था कि महिलाएं कभी-कभी ऐसा श्रृंगार करती हैं जिससे लोग उत्तेजित हो जाते हैं. विजयवर्गीय के इस बयान की काफी आलोचना हुई थी.

इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री सुब्रमण्यम स्वामी ने भी कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी पर विवादित टिप्पणी करते हुए कहा था, “वह बनारस से चुनाव हार जाएंगी, क्योंकि वह बहुत शराब पीती हैं.”

इसके अलावा छत्तीसगढ़ के बीजेपी नेता बंसीलाल महतो, हरियाणा के खाप नेता जितेंद्र छत्तर, बीजेपी नेता श्रीप्रकाश जायसवाल, दिवंगत बीजेपी नेता मनोहर पर्रिकर, CPI M नेता अनिसुर रहमान,  कांग्रेस नेता अभिजीत मुखर्जी, बीजेपी नेता नरेश अग्रवाल जैसे नेताओं ने महिलाओं पर की गई अपनी टिप्पणियों को लेकर विवाद खड़ा किया था और उनकी टिप्पणियों ने उस वक्त काफी बवाल मचाया था.


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