गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी ए.के. शर्मा, जिन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का विकल्प चुना है | चित्रण, दिप्रिंट
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लखनऊ: हाल ही में VRS लेने वाले मोदी के भरोसेमंद IAS अधिकारी अरविंद कुमार शर्मा यूपी में बीजेपी जाॅइन करेंगे.1988 बैच के गुजरात कैडर के इस आईएएस को लेकर पिछले कुछ दिनों से काफी चर्चाएं थीं. अब वह गुरुवार को बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं जिसकी पुष्टि यूपी बीजेपी के पदाधिकारियों ने की है.

बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता नवीन श्रीवास्तव ने दिप्रिंट को बताया कि गुरुवार को अरविंद कुमार शर्मा लखनऊ में बीजेपी में शामिल होंगे. ये काफी बड़ी जाॅइनिंग हैं. प्रशासनिक क्षेत्र में उनके अनुभवों का लाभ पार्टी को मिलेगा.

वहीं पार्टी के स्टेट सेक्रेट्री डाॅ. चंद्रमोहन ने भी अरविंद कुमार शर्मा के बीजेपी में शामिल होने जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि आगे के रोल के बारे में शीर्ष नेतृत्व तय करेगा. हालांकि पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, शर्मा को एमएलसी बनाया जा सकता है जिसके बाद उन्हें योगी सरकार के मंत्रीमंडल में भी शामिल किया जा सकता है.

यूपी में 28 जनवरी को विधानसभा की 12 सीटों के लिए चुनाव हैं. बीजेपी को इसमें 10 सीटें जीतने की उम्मीद है. शर्मा को भी बीजेपी इस चुनाव में उतार सकती है.

बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पीएमओ में शर्मा की पकड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश में उनकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण होना भी तय माना जा रहा है. वह मऊ के रहने वाले हैं और भूमिहार समाज से हैं. ऐसे में पूर्वांचल में इसका संदेश अच्छा जाएगा. पार्टी से जुड़े कुछ नेता नाम न छापने की शर्त पर यहां तक कह रहे हैं कि शर्मा को योगी कैबिनेट में अहम रोल मिलना तय है. यहां तक की डिप्टी सीएम बनाने पर भी विचार किया जा सकता है.

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दो दशक से हैं मोदी के भरोसेमंद

एके शर्मा दो दशक से मोदी के भरोसेमंद अधिकारियों में से हैं. वे पीके मिश्रा के साथ, जो अब पीएम के प्रमुख
सचिव हैं, 2001 में गुजरात सीएमओ में आए थे, जब मोदी ने गुजरात का कार्यभार संभाला था. उस समय मिश्रा मोदी के प्रमुख सचिव थे, जबकि एके शर्मा उनके सचिव हुआ करते थे. शर्मा तब तक सीएमओ में रहे, जब तक मोदी 2014 में राष्ट्रीय स्तर पर नहीं चले गए. इसके बाद वो भी पीएमओ में आ गए.

बता दें कि 2014 में वो बतौर संयुक्त सचिव पीएमओ में शामिल हुए थे और 2017 में उन्हें अतिरिक्त सचिव के तौर पर प्रमोट किया गया. अब वह अपनी सियासी पारी शुरू करने जा रहे हैं जिसकी चर्चा यूपी के पाॅलिटिकल सर्किल में जोर-शोर से है.

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