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राहुल गांधी कीर्ति आजाद का कांग्रेस पार्टी जॉइन करने पर स्वागत करते हुए | ट्विटर
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नई दिल्ली: भाजपा से निलंबित सांसद कीर्ति आज़ाद ने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस का दामन थाम लिया. आज़ाद ने दिप्रिंट से विशेष साक्षात्कार में कहा कि भारतीय जनता पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र नाम की कोई चीज़ नहीं है. पार्टी में पहले का ज़माना बहुत अलग था. अटल जी व आडवाणी जी के समय गंभीर मामलों का 24 घंटे के भीतर ही समाधान हो जाता था. दोनों वरिष्ठ नेताओं से मिलने के लिए 24 घंटे के अंदर समय मिलता था. अब 36 माह से ज़्यादा समय हो गया, अभी तक पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मिलने का समय नहीं दिया.

कहां गई मोदी की ‘न खाऊंगा, न खाने दूंगा’ की बात

आज़ाद का कहना है कि भाजपा खुद को विश्व की सबसे पार्टी कहती है, लेकिन दुंखद यह है कि वह पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए नहीं है. भाजपा से निकाले जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ‘मैंने पार्टी के भीतर भ्रष्टाचार की आवाज़ उठाई थी. इसलिए मुझे जाना पडा. पार्टी ने मेरे जैसे वरिष्ठ सांसद के साथ सौतेला व्यवहार किया है, इसलिए मुझे अब पार्टी छोड़ने का कोई दुख नहीं है. ‘पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए आज़ाद ने कहा कि मोदी ‘न खाऊंगा न खाने दूंगा’ की बात करते हैं. असल बात तो यह है कि यह सब झूठ व जुमले हैं. भाजपा ने हर एक नागरिक के खाते में 15 लाख आने और रोज़गार देने के बड़े बड़े सपने दिखाए थे, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है. यही झूठ और जुमलेबाज़ी पार्टी को बहुत पीछे ले जा रही है.

दागी नेता भाजपा में आते ही बेदाग कैसे हो जाता है

कुछ कांग्रेसी नेताओं समेत अन्य दलों के नेताओं के भाजपा में शामिल होने के सवाल का जवाब देते हुए आज़ाद ने कहा कि अगर वह नेता भाजपा से बाहर है तो वह चोर और माफिया है, लेकिन वह व्यक्ति जिसको भाजपा वाले चोर कहते हैं अगर वह भाजपा में शामिल हो जाता है तो बेदाग हो जाता है. उसे ऐसा बताया जाता है कि उससे स्वच्छ कोई नहीं है. शारदा घोटले से जुडे़ लोगों पर सीबीआई की जांच चल रही थी, जब वह भाजपा में शामिल हो गए तो उन पर अब कोई कार्रवाई नहीं हो रही है.

संघ और भाजपा मजहब और तोड़ने की राजनीति करते हैं

कीर्ति ने बताया कि भाजपा संगठन नहीं राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ द्वारा संचालित एक पार्टी है. इसके अंदर फरमान आते हैं और उसके मुताबिक काम करना होता है. भाजपा और संघ मजहब और तोड़ने की राजनीति करते हैं.

मोदी खुद मुझे रेलवे स्टेशन लेने आते थे

आज़ाद कहते हैं कि वह पार्टी के वरिष्ठतम सांसद सदस्यों में से एक थे. 26 वर्ष पार्टी की सेवा करते हो गए. पार्टी अध्यक्ष अमित शाह वगैरह मुझसे बहुत ही जूनियर सदस्य हैं. पीएम पर हमला करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी पार्टी के गुजरात राज्य के चार ज़िलों के महासचिव थे. वह मुझे रेलवे स्टेशन पर लेने आते थे. उस दौरान पार्टी में केवल छह ही लोग थे जो पार्टी के प्रचार के लिए आया करते थे. इनमे अटल जी, आडवाणी जी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, शत्रुघ्न सिन्हा और मैं शामिल थे. इसके अलावा कोई भाजपा को छूता तक नहीं था.

शत्रुघ्न सिन्हा को भी छोड़ देना चाहिए भाजपा

सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के भाजपा से बगावत करने के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि सिन्हा ने भाजपा छोड़ी नहीं है, छोड़ देंगे और जहां इज़्ज़त नहीं हो वहां से छोड़ भी देना चाहिए. हमारे ऊपर कोई आरोप नहीं, कोई हेराफेरी नहीं की इसके एवज में हमें भाजपा द्वारा यह सम्मान दिया जा रहा है.

खुद जेटली ने माल्या को बताया और उसे देश से भागने दिया

केंद्र सरकार के विजय माल्या को स्वदेश लाने के सरकार के दावे का जवाब देते हुए आज़ाद ने कहा कि साढे़ चार वर्षों से माल्या कहां हैं? जब सीबीआई ने लुकआउट नोटिस जारी किया है, तो सरकार ने माल्या को भागने का समय ही क्यों दिया? माल्या दिन में वित्त मंत्री अरुण जेटली से दिन में मिलता है, जेटली उन्हें बताते हैं तुम पकड़े गए हो तो वह भारत से कैसे फरार हो जाता है, यह कहां की राजनीति है? यही मैं कहना चाहता हूं कि भ्रष्टाचारियों को जितनी पनाह भाजपा सरकार में मिली है उतनी किसी सरकार में नहीं मिली है.

मोदी के सामने खरे उतरेंगे राहुल

राहुल गांधी का नरेंद्र मोदी के सामने खड़े होने के सवाल का जवाब देते हुए आज़ाद ने कहा कि राहुल जिस गंभीरता से राष्ट्र की समस्याओं को रखते हैं, जिस पुरजोर तरीके से राफेल के मुद्दे को लेकर सामने आए इससे भाजपा इतनी घबरा गई कि उन्हें सर्वोच्च न्यायालय में झूठा हलफनामा देना पड़ा. इससे बडा कोई झूठ नहीं हो सकता. इसके बाद सरकार ने कई बार सफाई दी, लेकिन सही तथ्य क्या है यह सरकार नहीं बता रही है. राफेल में दाल में काला नहीं था, पूरी दाल ही काली है. राफेल एक बड़ा चुनावी मुदृा है इसके अंदर बड़ी हेराफेरी हुई है.

गौरतलब है कि आज़ाद 2014 में दरभंगा लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे. डीडीसीए में घोटाले का आरोप लगाकर वित्त मंत्री अरुण जेटली पर भी आज़ाद ने निशाना साधा था. इसके बाद उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया था. आज़ाद मिथिलांचल की राजनीति का बड़ा चेहरा माने जाते हैं. कीर्ति के पिता भागवत झा आज़ाद कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता थे. वह बिहार के मुख्यमंत्री भी बने थे.


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