Monday, 27 June, 2022
होमराजनीतिबोलने की अनुमति देने वाली संस्थाओं पर 'सुनियोजित हमला' किया जा रहा है -राहुल गांधी

बोलने की अनुमति देने वाली संस्थाओं पर ‘सुनियोजित हमला’ किया जा रहा है -राहुल गांधी

कार्यक्रम में गांधी ने हिंदू राष्ट्रवाद, कांग्रेस पार्टी में गांधी परिवार की भूमिका और देश के लोगों को संगठित करने के प्रयासों जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी.

Text Size:

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को कैंब्रिज यूनिवर्सिटी एक संबोधन के दौरान आरोप लगाया है कि भारत को बोलने की अनुमति देने वाली संस्थाओं पर ‘सुनियोजित हमला’ हो रहा है. उन्होंने आगे कहा कि ‘सरकार की नीतियों को गोपनीय तरीके से प्रभावित या नियंत्रित करने वाले प्रभावशाली लोग या एजेंसियां’ देश में संवाद को नए तरीके से परिभाषित कर रही हैं.

बता दें कि राहुला गांधी पिछले कई दिनों से लंदन के दौरे पर हैं.

राहुल ने यह सभी बातें कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के कॉर्पस क्रिस्टी कॉलेज में सोमवार शाम को ‘इंडिया एट 75’ नाम के एक कार्यक्रम के दौरान छात्रों को संबोधित करते हुए की.

कार्यक्रम में गांधी ने हिंदू राष्ट्रवाद, कांग्रेस पार्टी में गांधी परिवार की भूमिका और देश के लोगों को संगठित करने के प्रयासों जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी.

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

दिप्रिंट आपके लिए ले कर आता है कहानियां जो आपको पढ़नी चाहिए, वो भी वहां से जहां वे हो रही हैं

हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.

अभी सब्सक्राइब करें

यूनिवर्सिटी में भारतीय मूल की शिक्षाविद डॉ श्रुति कपिला के साथ बातचीत में गांधी ने उन सब बातों को दोहराया, जिन पर उन्होंने पिछले हफ्ते एक सम्मेलन के दौरान बात की थी. उन्होंने ‘सरकारी नीतियों को गोपनीय तरीके से प्रभावित या नियंत्रित करने वाले प्रभावशाली लोगों या एजेंसियों’ के भारतीय राजनीति पर प्रभाव का भी जिक्र किया.

उन्होंने कहा, ‘हमारे लिए, भारत तब ‘जीवंत’ होता है, जब भारत बोलता है और जब भारत चुप हो जाता है तब ‘निष्प्राण’ हो जाता है. मैं देखता हूं कि भारत को बोलने की अनुमति देने वाली संस्थाओं पर हमला किया जा रहा है- संसद, चुनाव प्रणाली, लोकतंत्र की बुनियादी संरचना पर एक संगठन द्वारा कब्जा किया जा रहा है. बातचीत को बाधित किए जाने के कारण ‘सरकारी नीतियों को गोपनीय तरीके से प्रभावित या नियंत्रित करने वाले प्रभावशाली लोग या एजेंसियां’ इन रिक्त स्थानों में प्रवेश कर रही हैं और देश में संवाद को नए तरीके से परिभाषित कर रही हैं.


यह भी पढ़ें: कोविड के दौरान हर 30 घंटे में बना एक नया अरबपति, 2022 में गरीबी की गर्त में जा सकते हैं लाखों लोग


share & View comments