जोरहाट: असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने कहा कि पार्टी को अपने क्षेत्रीय सहयोगियों राइजर दल और असम जातीय परिषद के साथ गठबंधन “काफी पहले” कर लेना चाहिए था, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि देर से हुआ यह गठबंधन 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष को मजबूत कर रहा है.
दिप्रिंट को सोमवार को दिए एक विस्तृत इंटरव्यू में गौरव ने कहा, “मैं चाहता था कि यह काम आदर्श रूप से बहुत पहले पूरा हो जाता, लेकिन फिर भी मैं बातचीत से बहुत संतुष्ट हूं. असम के इतिहास में पहले कभी राज्य कांग्रेस ने इतने ज्यादा राजनीतिक दलों के साथ गठबंधन नहीं किया.”
कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के वास्तविक दावेदार माने जा रहे गौरव ने कहा कि अगर राज्य में विपक्ष की सरकार बनती है, तो पहली कैबिनेट बैठक में सिंगर ज़ुबीन गर्ग की मौत के पीछे की “सच्चाई” सामने लाने का फैसला लिया जाएगा.
गौरव ने कहा, “गुवाहाटी का पूरा कानूनी समुदाय जांच से खुश नहीं है. वे कई सवाल उठा रहे हैं, इसलिए हमें परिवार और समर्थकों दोनों को न्याय देना होगा.” उन्होंने यह बात जोरहाट शहर में रैली कर नामांकन दाखिल करने के कुछ घंटे बाद कही. अपर असम में कांग्रेस अपने सहयोगी राइजर दल और एजेपी पर अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद कर रही है.
गौरव ने कहा, “ज़ुबीन ने बीजेपी के बारे में जो कहा था, वह सबको याद है. कुछ शब्द इतने ज्यादा असंसदीय थे कि मैं इस इंटरव्यू में दोहरा भी नहीं सकता. लोगों को याद है कि ज़ुबीन के मूल्य हिमंत बिस्वा सरमा से कितने अलग थे.”
गर्ग की 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में मौत हो गई थी, जहां वे एक कार्यक्रम के लिए गए थे. शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया कि समुद्र में घूमने के दौरान वे डूब गए. उनकी मौत के बाद असम में कई तरह के शक पैदा हुए, जिसके बाद स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) जांच शुरू हुई. चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और कार्यक्रम से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है. मामला अब सेशन कोर्ट में है और रोजाना सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक ट्रायल का आदेश दिया गया है.
दिप्रिंट को दिए इंटरव्यू में गौरव ने कहा कि उन्होंने 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी अखिल गोगोई की राइजर दल और लुरिंज्योति गोगोई के नेतृत्व वाली एजेपी के साथ गठबंधन का जोरदार समर्थन किया था. उस चुनाव में विपक्ष को 126 सदस्यीय विधानसभा में 50 सीटें मिली थीं, जो बहुमत से 14 सीट कम थीं.
2020 में सीएए विरोध प्रदर्शन के बाद बनी राइजर दल और एजेपी को अहोम क्षेत्र के जातीय असमिया समुदायों का समर्थन मिलता है.
2021 में ये दोनों दल कांग्रेस गठबंधन का हिस्सा नहीं थे. उस समय गठबंधन में ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) शामिल था, जिसका नेतृत्व इत्र कारोबारी बदरुद्दीन अजमल करते हैं. इस बार कांग्रेस ने AIUDF को विपक्षी गठबंधन में शामिल नहीं किया और उसे बीजेपी की ‘बी-टीम’ बताया.
गौरव ने कहा, “कांग्रेस 17 से 18 सीटें हार गई थी, जहां राइजर दल और एजेपी उम्मीदवारों को लगभग 7,000 से 9,000 वोट मिले थे. 2021 में ही मैंने हमारे गठबंधन की संभावना देख ली थी और मुझे खुशी है कि पांच साल बाद हम साथ आ पाए.”
2024 लोकसभा चुनाव में जोरहाट सीट जीतने वाले गौरव ने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा उन पर, उनकी पत्नी और बच्चों पर पाकिस्तान से जुड़े आरोप लगाने से उनका परिवार और मजबूत हुआ है.
उन्होंने कहा, “इससे हमने एक-दूसरे की भूमिका और मूल्यों को और ज्यादा समझा. इससे हिमंत बिस्वा सरमा की कमजोरी भी सामने आती है. इससे पता चलता है कि कांग्रेस से उन्हें कितना खतरा महसूस होता है, या उनकी अपनी छिपी असुरक्षा क्या है.”
असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा और नगांव के सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे और बीजेपी में जाने के सवाल पर गौरव ने कहा कि इससे कांग्रेस “और मजबूत” हुई है.
उन्होंने कहा, “एजीपी (बीजेपी की सहयोगी पार्टी) से एक नेता हमारे साथ लखीमपुर जिले में जुड़े, जहां से भूपेन बोरा आते हैं. वहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया उत्साह है. जमीन पर जाकर देखता हूं तो कांग्रेस पहले से ज्यादा मजबूत दिखती है. अब पार्टी पहले से ज्यादा नई, ताजा, मजबूत, ऊर्जावान और प्रगतिशील दिखती है.”
बीजेपी द्वारा चुनाव में घुसपैठ के मुद्दे को प्रमुख बनाने के सवाल पर गौरव ने कहा कि कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ ज्यादा सख्त रुख अपनाया था और ज्यादा लोगों को बांग्लादेश भेजा था.
उन्होंने कहा, “बीजेपी इस मुद्दे पर ज्यादा बात करती है, लेकिन काम कम करती है. कांग्रेस शायद इस मुद्दे पर बीजेपी से कम बोलती है, लेकिन उसने प्रधानमंत्री मोदी की सरकार से ज्यादा अवैध बांग्लादेशियों को देश से बाहर भेजा. हमने सीमा पर ज्यादा बाड़बंदी की. हमने एनआरसी को मजबूत बनाने के लिए ज्यादा काम किया, लेकिन आज एनआरसी में कई गलतियां हैं. हमारा लक्ष्य असली काम करके लोगों की चिंता दूर करना है.”
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