Tuesday, 24 May, 2022
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पहली बार बने जल शक्ति मंत्रालय का ज़िम्मा संभालेंगे गजेन्द्र सिंह शेखावत

पहली बार बने जल शक्ति मंत्रालय का जिम्मा गजेन्द्र शेखावत को दिया गया है. 51 साल के शेखावत राजस्थान के जोधपुर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद है.

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नई दिल्ली: देश में पहली बार जल शक्ति मंत्रालय का गठन किया गया है. इस मंत्रालय की जिम्मेदारी गजेन्द्र सिंह शेखावत को दी गई है. शेखावत इस मंत्रालय को कैबिनेट मंत्री के तौर पर संभालेंगे. उन्होंने बृहस्पतिवार को पीएम नरेंद्र मोदी की नई सरकार में कैबिनेट मंत्री के पद की शपथ ली थी.

भारत में पानी एक बड़ी समस्या है. बिहार जैसे राज्य से सोशल मीडिया पर लगातार ऐसी जानकारी आ रही हैं कि वहां ग्राउंड वॉटर लेवल यानी ज़मीन के भीतर मौजूद पानी का स्तर काफी नीचे गया है. वहीं, देश की राजधानी दिल्ली में भी पानी की समस्या लगातार बनी रहती है. दिल्ली अपने पानी के लिए हरियाणा पर निर्भर है जिसकी वजह से राजधानी को कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है.

वहीं, देश का ऐसा कोई भी हिस्सा नहीं है जो पानी की समस्या से नहीं जूझ रहा हो. ऐसे में देखने वाली बात होगी की जल शक्ति मंत्रालय का ज़िम्मा पाने वाले गजेन्द्र सिंह शेखावत कैसे इन समस्याओं से पार पाते हैं. 51 साल के शेखावत राजस्थान के जोधपुर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद है. इसके पहले वो कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के राज्यमंत्री थे.

अमित शाह अब बने देश के गृह मंत्री

इसके अलावा बड़ी जानकारी ये है कि भारतीय जनता पार्टी की कमान संभाल रहे अमित शाह अब देश के नए गृह मंत्री होंगे. पीएम नरेंद्र मोदी ने गृह मंत्रालय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है. शाह गुजरात में नरेंद्र मोदी की सरकार के दौरान 2003 से 2010 तक गुजरात सरकार गृह मंत्रालय का भी जिम्मा संभाला चुके है.

पीएम मोदी ने अमित शाह को इस बार सरकार चलाने वाली टीम में शामिल किया है. शाह ने राज्यसभा सांसद होते हुए गांधी नगर से लोकसभा सीट चुनाव लड़ा. ​जिस सीट से भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी भी सांसद रहे हैं. शाह ने यह अपना पहला लोकसभा चुनाव लड़ा. गांधी नगर में उन्होंने रिकॉर्ड 5 लाख 57 हजार वोटों से जीत दर्ज की है. मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में राजनाथ सिंह गृह मंत्रालय का कार्यभार संभाल चुके है.

शाह को 2014 में भारतीय जनता पार्टी का अध्यक्ष चुना गया था, तभी से उन्होंने न केवल प्रधानमंत्री के रणनीतिकार बल्कि पार्टी के भी सबसे बड़े रणनीतिकार के रूप में देखे जाते हैं. बताया जा रहा है कि अब जब शाह देश की और बड़ी जिम्मेदारी लेने जा रहे हैं तो कयास हैं कि उनकी जगह जेपी नड्डा बीजेपी अध्यक्ष बनाए जा सकते हैं.

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