नई दिल्ली: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा चुने जाने के एक दिन बाद, जेडीयू के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद केसी त्यागी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है.
उनके करीबी लोगों ने दिप्रिंट को बताया कि अब उन्हें जेडीयू में अपने लिए कोई खास भूमिका नहीं दिख रही है, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी अपना मुख्यमंत्री बनाने की तैयारी में है. उन्होंने यह भी कहा कि त्यागी अब अपनी राजनीतिक गतिविधियां अपने गृह राज्य उत्तर प्रदेश में शिफ्ट कर सकते हैं. वह 1989 में यूपी के हापुड़ से लोकसभा सांसद चुने गए थे.
त्यागी ने अपने पत्र में कहा, “जेडीयू का गठन 30 अक्टूबर 2003 को समता पार्टी और जनता दल के विलय से हुआ था. जॉर्ज फर्नांडिस इसके अध्यक्ष थे और मैं पार्टी का महासचिव था. मैंने श्री शरद यादव जी और श्री नीतीश कुमार जी के साथ काम किया, जब वे मेरे अध्यक्ष थे. मैं मुख्य महासचिव, मुख्य प्रवक्ता और राजनीतिक सलाहकार के रूप में काम करता रहा. अब पार्टी का सदस्यता अभियान खत्म हो गया है. इस बार मैंने पार्टी की सदस्यता नवीनीकृत नहीं की है.”
उन्होंने आगे कहा कि भले ही उन्होंने सदस्यता नवीनीकृत नहीं की है, लेकिन समाज के कमजोर वर्गों, किसानों और वंचित लोगों के हितों से जुड़े उनके विचारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पहले जैसी ही बनी रहेगी.
“नीतीश कुमार के प्रति मेरा व्यक्तिगत सम्मान भी पहले जैसा ही है, जो करीब आधी सदी तक मेरे साथी रहे हैं. मेरे कुछ मित्र, राजनीतिक सहयोगी और समर्थक 22 मार्च 2026 को मावलांकर हॉल, रफी मार्ग में देश की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा के लिए एक बैठक आयोजित कर रहे हैं.”
त्यागी ने कहा कि आगे की रणनीति जल्द ही सभी जरूरी लोगों से सलाह लेकर तय की जाएगी.
पार्टी सूत्रों के अनुसार, त्यागी का यह फैसला नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद लिया गया है.
एक सूत्र ने कहा, “मुख्यमंत्री अब राज्यसभा चले गए हैं और बिहार की राजनीति में पहले की तरह सक्रिय नहीं रहेंगे. ऐसे में त्यागी जैसे नेताओं के लिए पार्टी में बने रहने का ज्यादा मतलब नहीं है. सभी जानते हैं कि अब जेडीयू पहले जैसी नहीं रही और बीजेपी के मुख्यमंत्री आने के बाद हालात काफी बदल जाएंगे.”
इससे पहले, राज्यसभा जाने के अपने फैसले की घोषणा करते हुए नीतीश कुमार ने कहा था कि जेडीयू और उसके कार्यकर्ताओं से उनका रिश्ता आगे भी बना रहेगा.
उन्होंने एक्स पर कहा, “नई सरकार को मेरा पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा.”
सीएम ने कहा था, “पिछले दो दशकों से आप सभी ने मुझ पर भरोसा और समर्थन बनाए रखा है. इसी भरोसे के दम पर हमने बिहार की सेवा की है और विकास को नई दिशा दी है. इसके लिए मैं पहले भी आपका आभार व्यक्त कर चुका हूं.”
नीतीश के राज्यसभा जाने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए त्यागी ने पहले एक इंटरव्यू में कहा था कि उनकी उम्र और बीजेपी की लंबे समय से अपने मुख्यमंत्री की मांग भी इसके पीछे एक वजह हो सकती है. उन्होंने यह भी कहा था कि इस फैसले से पार्टी कार्यकर्ताओं में हैरानी और नाराज़गी है. हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि नीतीश जैसा साफ छवि वाला नेता मिलना मुश्किल है.
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