नई दिल्ली: कांग्रेस ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्योगपति गौतम अडाणी से जुड़े सवाल पर उनकी प्रतिक्रिया “भ्रष्टाचार को छुपाने” के बराबर है.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि मोदी का जवाब अडाणी के “भ्रष्टाचार” पर पर्दा डालने जैसा था.
“अगर देश में सवाल पूछो तो चुप्पी, और विदेश में पूछो तो यह निजी मामला! अमेरिका में भी मोदी जी ने अडाणी जी के भ्रष्टाचार पर पर्दा डाल दिया! जब मित्र का जेब भरना मोदी जी के लिए “राष्ट्र निर्माण” है, तब रिश्वतखोरी और देश की संपत्ति को लूटना “व्यक्तिगत मामला” बन जाता है,” गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया.
देश में सवाल पूछो तो चुप्पी,
विदेश में पूछो तो निजी मामला!अमेरिका में भी मोदी जी ने अडानी जी के भ्रष्टाचार पर पर्दा डाल दिया!
जब मित्र का जेब भरना मोदी जी के लिए “राष्ट्र निर्माण” है, तब रिश्वतखोरी और देश की संपत्ति को लूटना “व्यक्तिगत मामला” बन जाता है।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 14, 2025
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक अमेरिकी पत्रकार ने ट्रंप और मोदी से पूछा कि क्या व्हाइट हाउस में हुई बातचीत के दौरान “गौतम अडाणी के मामले” पर चर्चा हुई?
“क्या मैं पूछ सकता हूं कि क्या आपने गौतम अडाणी के मामले पर चर्चा की, जो एशिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक हैं और प्रधानमंत्री मोदी के करीबी माने जाते हैं?” पत्रकार ने सवाल किया. “प्रधानमंत्री मोदी, क्या आपने राष्ट्रपति से इस मामले में कार्रवाई करने को कहा?”
मोदी ने अपने जवाब में भारत की लोकतांत्रिक और सांस्कृतिक परंपराओं की बात करते हुए कहा कि इस तरह के “निजी मामलों” पर राष्ट्राध्यक्षों के बीच चर्चा नहीं होती.
“सबसे पहले, भारत एक लोकतांत्रिक देश है. हमारी संस्कृति और परंपरा वसुधैव कुटुंबकम की है. हम पूरे विश्व को एक परिवार मानते हैं. मैं हर भारतीय को अपना मानता हूं. दूसरी बात यह कि इस तरह के व्यक्तिगत मामलों पर दो देशों के प्रमुख आपस में नहीं मिलते या चर्चा नहीं करते,” मोदी ने कहा.
कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने भी मोदी के बयान पर कटाक्ष किया.
“मोदी जी के चेहरे का रंग उड़ गया अडाणी का नाम सुनते ही. फिर घुमा फिराकर, असंगत ज्ञान देकर बोले – ये व्यक्तिगत मामला है. भ्रष्टाचार व्यक्तिगत मामला कबसे हो गया?” रमेश ने एक्स पर लिखा.
मोदी जी के चेहरे का रंग उड़ गया अडानी का नाम सुनते ही
फिर घुमा फिराकर, असंगत ज्ञान देकर बोले – ये व्यक्तिगत मामला है
भ्रष्टाचार व्यक्तिगत मामला कबसे हो गया? pic.twitter.com/8TL3MyYdyc
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) February 14, 2025
नवंबर 2024 में, अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडाणी, उनके भतीजे सागर अडानी और छह अन्य लोगों पर कथित रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी की साजिश के आरोप लगाए थे. अडाणी समूह ने इन आरोपों को “बेबुनियाद” बताया था.
“जैसा कि आरोप लगाया गया है, आरोपियों ने भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने की एक विस्तृत योजना तैयार की थी ताकि अरबों डॉलर के ठेके हासिल किए जा सकें. गौतम एस. अडाणी, सागर आर. अडाणी और वीनीत एस. जैन ने अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से पूंजी जुटाने के दौरान इस रिश्वतखोरी योजना के बारे में झूठ बोला,” अमेरिकी अटॉर्नी पीस ने अभियोग में कहा.
वीनीत जैन, अडाणी ग्रीन एनर्जी के प्रबंध निदेशक और सीईओ हैं.
अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय ने एक प्रेस बयान में यह भी कहा कि आरोप केवल आरोप हैं और जब तक किसी पर दोष साबित नहीं होता, तब तक उसे निर्दोष माना जाएगा.
दिलचस्प बात यह है कि पदभार संभालने के बाद, ट्रंप ने विदेशी भ्रष्ट आचरण अधिनियम (FCPA) के प्रवर्तन को रोक दिया, जिसके तहत अडानी पर आरोप लगाए गए थे, जब तक कि कानून की समीक्षा पूरी नहीं हो जाती.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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