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Tuesday, 31 March, 2026
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ममता के ‘मीट बैन’ दावे पर सुकांत मजूमदार का पलटवार, कहा—बंगाल का BJP मुख्यमंत्री मांसाहारी होगा

TMC नेताओं ने अन्य राज्यों में मांस की बिक्री पर BJP द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को चुनावी मुद्दा बना दिया है. अब, BJP उम्मीदवार चुनाव प्रचार के दौरान अपने साथ मछली लेकर घूम रहे हैं.

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नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने मंगलवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तरफ़ से जो भी अगला मुख्यमंत्री बनेगा, वह खाने-पीने की आदतों के मामले में “मांसाहारी” होगा.

उनकी यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने BJP के ख़िलाफ़ चुनाव प्रचार करते हुए कहा था कि अगर यह पार्टी राज्य में सत्ता में आती है, तो वह मछली, मांस और यहां तक कि अंडों पर भी रोक लगा देंगी.

मजूमदार ने कहा, “देखिए, ममता बनर्जी ऐसी छोटी-छोटी बातें इसलिए कर रही हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि वह आने वाले चुनाव हारने वाली हैं. वह डर और निराशा की वजह से ऐसा कर रही हैं. बंगाल में ज़्यादातर लोग मांसाहारी खाना खाते हैं, और भारतीय जनता पार्टी के नेता भी मांसाहारी खाना खाते हैं; आज भी हमने मांसाहारी खाना खाया है.”

मजूमदार ने सवाल उठाया, “भविष्य में भी, भारतीय जनता पार्टी की तरफ़ से जो भी मुख्यमंत्री बनेगा, वह मांसाहारी ही होगा. तो अगर मुख्यमंत्री खुद मांसाहारी है, तो वह इस पर प्रतिबंध कैसे लगा सकता है?”

तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपने चुनाव प्रचार में इस बात पर ज़ोर दे रही है कि अगर BJP सत्ता में आई, तो वह बंगालियों की मांसाहारी खाने की आदतों पर पाबंदियां लगाना शुरू कर देगी. TMC के इन आरोपों को BJP द्वारा कई दूसरे उत्तरी राज्यों में, खासकर त्योहारों के दौरान, मांसाहारी खाने की आदतों पर की गई सख़्त कार्रवाइयों से और भी बल मिला है.

उदाहरण के लिए, पिछले महीने बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने “सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने, साफ़-सफ़ाई बनाए रखने और बच्चों में हिंसक प्रवृत्तियों को रोकने” के मकसद से शिक्षण संस्थानों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक इलाकों के पास मांस और मछली की खुली बिक्री पर रोक लगाने की घोषणा की थी. उनके इस बयान पर काफ़ी आलोचना हुई थी और इस पर खूब चर्चा भी हुई थी.

पश्चिम बंगाल में चुनाव 23 अप्रैल से शुरू होकर दो चरणों में होने हैं. इसे देखते हुए राज्य में BJP के कई उम्मीदवारों और नेताओं ने घर-घर जाकर चुनाव प्रचार करते समय अपने हाथों में मछली पकड़ना शुरू कर दिया है. इस कदम का मकसद TMC का मुक़ाबला करना और खाने-पीने की आदतों पर चल रही बहस का जवाब देना है.

बिधाननगर से BJP उम्मीदवार डॉ. शरदवत मुखोपाध्याय के मछली हाथ में लेकर चुनाव प्रचार करने के वीडियो हाल ही में काफ़ी वायरल हुए हैं. बनर्जी के इस दावे को खारिज करते हुए कि BJP-शासित राज्यों में मछली नहीं खाई जाती, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि त्रिपुरा देश में सबसे ज़्यादा मछली खाने वाला राज्य है. उन्होंने बनर्जी पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया.

रविवार को पुरुलिया ज़िले के मानबाज़ार में एक रैली को संबोधित करते हुए, बनर्जी ने BJP पर लोगों की खान-पान की आदतों में दखल देने का आरोप लगाया. मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर राज्य में BJP सत्ता में आती है, तो लोगों के मछली, अंडे या मांस खाने पर पाबंदियां लग जाएंगी.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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