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लखनऊ एयरपोर्ट पर रोके जाने के बाद अखिलेश यादव प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए | सोशल मीडिया
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नई दिल्लीः यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को लखनऊ एयरपोर्ट पर प्रयागराज के इलाहाबाद विश्वविद्यालय जाने से रोकने पर बड़ा सियासी बवाल शुरू हो गया है. उनका आरोप है कि उन्हें लखनऊ एयरपोर्ट पर रोक लिया गया और उनके साथ हाथापाई की गई. इस घटना को लेकर सपा के कार्यकर्ता भड़क उठे और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन किया है.

अखिलेश यादव को लखनऊ एयरपोर्ट पर रोकने पर विधान परिषद में जमकर हंगामा हुआ. सपा के सदस्य वेल में आकर नारेबाजी करते हुए योगी सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया है.

अखिलेश ने ट्वीट कर कहा, ‘बिना किसी लिखित आदेश के मुझे एयरपोर्ट पर रोका गया. पूछने पर भी स्थिति साफ करने में अधिकारी विफल रहे. छात्रसंघ कार्यक्रम में जाने से रोकने का एकमात्र मकसद युवाओं के बीच समाजवादी विचारों और आवाज को दबाना है.’

मायावती ने अपने ट्वीट मे कहा है कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव को आज इलाहाबाद नहीं जाने देने कि लिये उन्हें लखनऊ एयरपोर्ट पर ही रोक लेने की घटना अति-निन्दनीय व बीजेपी सरकार की तानाशाही व लोकतंत्र की हत्या की प्रतीक है.

अखिलेश यादव के लखनऊ एयरपोर्ट पर रोके जाने के आरोप सपा नेता रामगोपाल यादव ने कहा, ‘मेरा सीधा सीधा आरोप है कि सीएम के पास इजाजत थी. यह मुख्यमंत्री का निर्देश था, जिससे उन्हें रोका गया. उन्होंने उन्हें इलाहाबाद पहुंचने नहीं दिया.

अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा, ‘मैंने पिछले साल दिसंबर में अपने कार्यक्रम के बारे में विश्वविद्यालय को सूचित कर दिया था. 2 फरवरी को जिला प्रशासन को एक पत्र भेज दिया गया था क्योंकि मैं कुंभ के दौरान किसी प्रकार की असुविधा नहीं चाहता था. लेकिन, मुझे उन समस्याओं के बारे में जानकारी नहीं दी गई, जिनका अब सरकार हवाला दे रही है.’

उन्होंने आगे कहा कि आपको पता है भाजपा इलाहाबाद विश्विद्यालय के छात्रसंघ चुनाव को अपना चुनाव मान रही थी. पूरी सरकार इस चुनाव को जीतने में लगी थी, लेकिन नहीं जीत पाई. मुख्यमंत्री जी भी इस दौरान इलाहाबाद आये थे और वे भी इस चुनाव को जीतने के लिए निर्देश दिये रहे होंगे. गोरखपुर छात्रसंघ चुनाव में भी इन लोगों ने खुद हंगामा कराया. इलाहाबाद छात्रसंघ चुनाव हमारे संगठन के नेता ने जीता, लेकिन उसके छात्रावास के कमरे में आग लगा दी गई थी.

उन्होंने सरकार पर उनके घर की निगरानी करने, प्रयागराज में समारोह स्थल के पास धमाके करने और छात्रसंघ अध्यक्ष के कार्यालय को जलाने की साजिश रचने का आरोप लगाया. अखिलेश ने कहा, ‘जब कानून व्यवस्था में बाधा पैदा करने की आशंका विफल रही तो उन्होंने मुझे प्रयागराज जाने वाले विमान में चढ़ने से रोक दिया.’

मुख्यमंत्री के सपा को ‘बदमाशों की पार्टी’ के आरोप को दरकिनार करते हुए यादव ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री को यह बताना चाहिए कि मेरे ऊपर कभी किसी भी अपराध में कोई मामला क्या दर्ज हुआ है या निर्वाचन आयोग की किताब में मेरा कोई बुरा ट्रैक रिकॉर्ड रहा है?’ अखिलेश ने कहा कि बतौर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ देश के पहले व्यक्ति होंगे, जिसने अपने खिलाफ कई आपराधिक मामलों में खुद को बरी किया होगा.

इस बीच, समाजवादी पार्टी के विधायकों ने विधानसभा में इस घटना को लेकर जमकर हंगामा किया. बाद में उन्होंने राजभवन की ओर मार्च भी निकाला.

वहीं मामले में यूपी के मुख्यमंत्री योगी अादित्यनाथ ने कई ट्वीट किये हैं और अखिलेश यादव को कुंभ के दौरान अराजक गतिविधि न करने की हिदायत दी है.

बाकि ट्वीट्स में उन्होंने कहा है कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अखिलेश को विवि न जाने का अनुरोध किया था. उनके जाने से छात्रों में वैमनस्य बढ़ सकता है और हिंसक झड़पें हो सकती हैं. एक अन्य ट्वीट्स में कहा है कि कुंभ में 25 से 30 लाख लोग जा रहे हैं वहां उनके जाने से खतरा हो सकता है. विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुरोध पर उन्हें रोका गया है.

 


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