Tuesday, 5 July, 2022
होममत-विमतइंटरनेट पर हुई वायरल पाकिस्तान चुनाव की मीम दिखाती हैं नवाज़ शरीफ की बदकिस्मती

इंटरनेट पर हुई वायरल पाकिस्तान चुनाव की मीम दिखाती हैं नवाज़ शरीफ की बदकिस्मती

Text Size:

पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के जेल में होने के साथ, मज़ाक यह है कि पार्टी का अपना हीरो अथवा शेर नून लीग छोड़ चुका है।

आज पाकिस्तान में चुनाव का एक बड़ा दिन है। शेर और बल्ला सत्ता के लिए दो प्रमुख दावेदार हैं।
शेर नवाज शरीफ के नेतृत्व वाली पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) का प्रतीक है, अंग्रेजी के एन (N) के उर्दू उच्चारण से इसको नून लीग भी कहा जाता है।

बैट क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) का प्रतीक है।

लाहौर में एक रेस्तरां यह देखकर दोनों पार्टियों के समर्थकों की प्रतिबद्धता का निर्धारण कर रहा है कि किसको जड़ा टिप मिल रही है। हर तरीके से रेस्तरां के कर्मचारियों की ही जीत होगी।

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

दिप्रिंट आपके लिए ले कर आता है कहानियां जो आपको पढ़नी चाहिए, वो भी वहां से जहां वे हो रही हैं

हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.

अभी सब्सक्राइब करें

यह नवाज शरीफ की बेटी और उनकी वारिस मरियम नवाज हैं। भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण अपने पिता की तरह यह भी जेल में हैं। इनके पति की भी ऐसी ही हालत है। पीटीआई समर्थकों द्वारा बनाई गई लैंगिकवादी तस्वीर (नीचे देखिए) सुझाव देती है कि वह ज्यादा स्मार्ट नहीं हैं – वह केवल अच्छी दिखती हैं। हकीकत यह है कि पार्टी में संकट के समय मरियम एक तेज तर्रार राजनेता के रूप में उभरी हैं।

 

उन्होंने सोचा था कि जेल जाने के लिए मरियम लंदन से वापस ही नहीं आएंगी। उन्होंने फोटोशॉप से मरियम का चेहरा एक फिल्म – पंजाब नहीं जाऊँगी – के पोस्टर में लगा दिया था।

भ्रष्टाचार के आरोप में मरियम और उसके पति को पिता नवाज शरीफ के साथ दोषी पाया गया था। नवाज के दुश्मन उन्हें दोषी देखकर बहुत खुश थे।

उन्होंने सोचा, वह चुनाव के माहौल से ग़ायब हो गए।

यह उनके समर्थकों के लिए एक बुरी खबर थी।

लेकिन, जब उन्होंने जेल जाने का फैसला लिया और अपने आप को शहीद क़रार किया

पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) के मीमी निर्माता के अनुसार नवाज की पार्टी के लिए सहानुभूति वोट के डर के बढ़ने से इमरान पर यह प्रभाव पड़ा था।

नवाज ने एक लंबी पारी खेली

नून पार्टी के एक सदस्य ने पार्टी का प्रचार करने का एक नया तरीका खोज निकाला है।

लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं का एक साथ जेल में होना और साथ ही मीडिया तथा राज्य संस्थानों का भी उनके ख़िलाफ़ होना, से कुछ लोगों को लगता है कि उनकी पार्टी का पतन हो रहा है। इस मीमी का कहना है कि शेर ने नून लीग को छोड़ दिया है।

यह बहुत ज्यादा खाने की वजह से भी हो सकता है, इसमें भ्रष्टाचार और नवाज के ‘बट’ होने को संदर्भित किया गया है, पाकिस्तान में कश्मीरी मूल के कई पंजाबियों को बट कहा जाता है। बटों के साथ में एक बात यह जुड़ी हुई है कि वे बहुत ज्यादा खाते हैं और नवाज के बारे में भी यही बात कही जाती है।


नवाज के भाई शहबाज़ शरीफ़ पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री रहे हैं। उन्हें लाहौर में आधारिक संरचना के विकास की बड़ी धुन सवार है, और उन्होंने शहर को जल्द ही पेरिस में बदलने का दावा किया है। नीचे दिए गए कार्टून में, वे गिटार बजा रहे हैं और कह रहे हैं कि वे जेल को पेरिश में बदल देंगे, जहाँ उनके भाई रह रहे हैं। नवाज उन्हें वहाँ से हटने के लिए कह रहे हैं। अंतर्निहित विषय यह है कि शहबाज़ अपने भाई को जेल जाता देखकर खुश हैं – यह पार्टी का मुख्य चेहरा बनने में उनकी महत्वाकांक्षाओं में मदद करता है।

कुछ लोगों का कहना है की शहबाज़ ने अपने प्रतिद्वंद्वी इमरान को एक जीवनदान दिया है।

अन्य लोग उन्हें अकेले आदमी के रूप में देखते हैं।

यद्यपि वे उतने अकेले नहीं हैं जितने कि उनके बड़े भाई।

जेल जाने से पहले, नवाज ने पाकिस्तान के कोष में एक नया योगदान दिया। उन्होंने सैन्य प्रतिष्ठान को “खलाई मखलूक”- अंतरिक्ष के जीव या एलियंस के रूप में संदर्भित करना शुरू किया। नीचे के मीमी में, एक एलियन कह रहा है, “ऐ पाकिस्तानी वोटर! एक तेरी ख्वाहिश है और एक मेरी ख्वाहिश है। लेकिन होगा तो वही जो मेरी ख्वाहिश है।”

कुछ के मुताबिक, पाकिस्तान का चुनाव आयोग कुछ ऐसा ही दिखता है।

नीचे के मीमी में उर्दू में लिखा है, “अगले वजीरे आजम को असेंबली तक पहुँचाने की कोशिशें।”

पीएमएल (एन) समर्थकों को लगता है जैसे कि वे डूब रहे हों।

पार्टी उम्मीद करती है कि वह मतदान दिवस पर पीटीआई और प्रतिष्ठान दोनों से चतुराईपूर्वक आगे निकल जाएगी, कुछ हद तक इस तरह से:

बशर्ते कि बूथों पर पीटीआई और प्रतिष्ठान द्वारा कब्जा न किया जाए।

या शायद, सवाल यह नहीं है कि मतदान में हेर फेर हो जाएगा बल्कि सवाल यह है कि यह कितनी बुरी तरह होगा।

 

सालों पहले इमरान ने भारतीय टीवी चैनल के एक साक्षात्कार में कहा था कि प्रतिष्ठान के समर्थन के बिना पाकिस्तान में कोई भी चुनाव नहीं जीत सकता है। यह क्लिप उनके आलोचकों के बीच बहुत प्रसिद्ध हो रही है ।

 

share & View comments