Friday, 27 May, 2022
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भारत के गरीब अब भी VIPs को सहन कर रहे हैं और डॉ अंबेडकर का मैकाले के भूत से जुड़ा एक सवाल है

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सबसे अच्छे कार्टून्स.

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दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चयनित कार्टून पहले अन्य प्रकाशनों में प्रकाशित किए जा चुके हैं. जैसे- प्रिंट मीडिया, ऑनलाइन या फिर सोशल मीडिया पर.

आज के फीचर कार्टून में संदीप अध्वर्यु बीटिंग रिट्रीट समारोह से हटाए जाने वाले ईसाई भजन ‘एबाइड विद मी’ को  गरीबों के प्रति वीआईपी की कथित लापरवाही से जोड़ते हुए दिखा रहे हैं.

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साजिथ कुमार | Deccan Herald

साजिथ कुमार नरेंद्र मोदी सरकार के ‘एबाइड विद मी’ को हटाने के फैसले की आलोचना कर रहे है. जिसे महात्मा गांधी का पसंदीदा भजन और धुन माना जाता है. इसे 1950 से बीटिंग रिट्रीट समारोह का हिस्सा बनाया गया था. वह रीडर्स  को याद दिला रहे हैं कि एक कार्यशील लोकतंत्र का मूल सिद्धांत संविधान का पालन करना है.

ई.पी उन्नी | The Indian Express

पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा इंडिया गेट पर ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ समारोह के हिस्से के रूप में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की होलोग्राम मूर्ती का अनावरण करने के बाद, ई.पी. उन्नी ने संविधान के निर्माता डॉ. बीआर अंबेडकर, जिसके लागू करने को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है, के हवाले से एक सवाल कर रहे हैें कि भारतीय दंड संहिता  की धारा 124 ए, 1833 में थोमस बैबिंगटन मैकाले द्वारा तैयार किए गए राजद्रोह कानून और 1870 में आईपीसी में क्यों शामिल  है? क्या यह अभी भी उपयोग में है?

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आर प्रसाद | Economic Times

आर प्रसाद ने कांग्रेस नेताओं के एक अनदेखी खूबी की तरफ इशारा कर रहे हैं जो ‘जहाज’ से कूद कर बीजेपी में शामिल होने का है. मंगलवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आर.पी.एन. सिंह को बीजेपी में स्वागत किया.

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सतीश आचार्य | Twitter/@satishacharya

सतीश आचार्य कर्नाटक में उडुपी गवर्नमेंट कॉलेज की मुस्लिम छात्राओं की रस्साकशी को दिखा रहे हैं क्योंकि उनका परिवार चाहता है कि वो हिजाब पहनें और कॉलेज प्रशासन ने छात्रों को कैंपस में ऐसा करने से रोक दिया है.

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कीर्तिश भट्ट | BBC News Hindi

कीर्तिश भट्ट ने भारत में राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2022 (25 जनवरी को) पर एक रिपोर्टर को देश के गरीबों से सवाल करता हुए दिखाया है कि उन्होंने वर्षों से सरकारों में बदलाव के बावजूद उन्होंने यथास्थिति कैसे बनाए हुई है. कीर्तिश नए ICE360 सर्वे 2021 की तरफ इशारा कर रहे हैं, जिसमें पाया गया है कि देश में 2020-21 में सबसे गरीब 20 प्रतिशत परिवारों की वार्षिक आय में 53 प्रतिशत की गिरावट आई जबकि अमीर लोगों की मौजूदा संपत्ति में 39 प्रतिशत में बढ़ोतरी हुई है.

(इन कार्टून्स को अंग्रेजी में देखने के लिए यहां क्लिक करें)

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