Thursday, 20 January, 2022
होमलास्ट लाफइस दिवाली महाराष्ट्र में 4 नए पटाखे और जलवायु परिवर्तन के बाद कैसा होगा 2030

इस दिवाली महाराष्ट्र में 4 नए पटाखे और जलवायु परिवर्तन के बाद कैसा होगा 2030

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सबसे अच्छे कार्टून.

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दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चयनित कार्टून पहले अन्य प्रकाशनों में प्रकाशित किए जा चुके हैं. जैसे- प्रिंट मीडिया, ऑनलाइन या फिर सोशल मीडिया पर.

आज के फीचर कार्टून में आलोक निरंतर एनसीपी नेता और राज्य मंत्री नवाब मलिक के महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस पर लगाए गए आरोपों के बारे में जिक्र कर रहे हैं. मलिक ने दावा किया कि फडणवीस ड्रग्स रैकेट में शामिल थे. इसपर बीजेपी के नेता ने जवाब देते हुए कहा कि नवाब मलिक के आरोप ‘फुस्का फटका‘ पटाखा है. इसके दूसरे उदाहरण महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री अनिल देशमुख और मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह हैं.

संदीप अध्वर्यु | The Times of India

संदीप अध्वर्यु ने भारत के ‘लौह पुरुष’ सरदार वल्लभभाई पटेल को भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली की सराहना करते हुए दिखाया है. वहीं, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को ‘एकता’ के लिए मुहम्मद अली जिन्ना का नाम लेते हुए दिखाया गया है.

आर प्रसाद | Economic Times

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आर प्रसाद, 1 नवंबर को सरदार पटेल की जयंती पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का कांग्रेस पर किए गए हमले के बारे में जिक्र कर हैं. गुजरात के केवड़िया में भाषण देते हुए अमित शाह ने कहा था कि आजादी के बाद पटेल और उनके योगदान को भूलाने की कोशिश की गई थी.

साजिथ कुमार | Deccan Herald

साजिथ कुमार दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि ग्लासगो में COP26 शिखर सम्मेलन चल रहा है. वो कल्पना कर रहे हैं कि साल 2030 के अखबारों की हेडलाइन में लिखी होगा कि जलवायु परिवर्तन दुनिया के लिए क्या विनाश ला सकता है.

ई.पी. उन्नी | The Indian Express

ई.पी. उन्नी जी20 शिखर सम्मेलन के बाद दूनियाभर के नेताओं का रोम के ट्रेवी फाउंटेन में ‘सिक्का डालने’ को लेकर आलोचना कर रहे हैं. यह इटली की राजधानी की एक पुरानी परंपरा के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन भी है.

कीर्तिश भट्ट | BBC News Hindi

कीर्तिश भट्ट उन रिपोर्टों को उजागर करने की कोशिश कर रहे हैं जिनमें कहा गया है कि दुनिया के सबसे अमीर लोग जलवायु समस्या के मुख्य कारण हैं क्योंकि वो ज्यादा ऊर्जा की खपत करते हैं. इसकी वजह से वो ज्यादा ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार हैं. वह एक गरीब आदमी को यह कहते हुए दिखा रहे हैं कि उसने कई बार अमीर होने के बारे में सोचा लेकिन पर्यावरण की खातिर उसने ऐसा नहीं किया.

(इन कार्टून्स को अंग्रेज़ी में देखने के लिए यहां क्लिक करें)

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